घने कोहरे के चलते रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित हो गया। शनिवार को आगरा कैंट स्टेशन से गुजरने वाली कई ट्रेनें घंटों की देरी से पहुंचीं, जिससे यात्रियों को प्लेटफॉर्म पर परेशानी का सामना करना पड़ा। कोहरे के कारण ट्रेनों की रफ्तार कम करनी पड़ी।
मरुधर एक्सप्रेस सबसे अधिक 11 घंटे की देरी से पहुंची। इसके अलावा पुरी–हरिद्वार एक्सप्रेस 7 घंटे 30 मिनट, अवध एक्सप्रेस 7 घंटे 45 मिनट और प्रयागराज–लालगढ़ एक्सप्रेस 5 घंटे 45 मिनट, हुज़ूर साहिब नांदेड़–जयपुर एक्सप्रेस पौने छह घंटे, होशियारपुर–आगरा कैंट एक्सप्रेस 4 घंटे 15 मिनट देरी से आई।
आगरा कैंट–नई दिल्ली इंटरसिटी एक्सप्रेस 3 घंटे 10 मिनट, पटना–कोटा एक्सप्रेस 3 घंटे 20 मिनट और आगरा कैंट–बनारस वंदे भारत एक्सप्रेस 2 घंटे 55 मिनट, हीराकुंड एक्सप्रेस दो घंटे और पंजाब मेल 2 घंटे 55 मिनट देरी से आई। रेलवे की पीआरओ प्रशस्ति श्रीवास्तव ने बताया कि कोहरे के कारण दृश्यता कम हो जाने से ट्रेनों की गति नियंत्रित करनी पड़ रही है। यात्री ट्रेनों की स्थिति देखकर ही घर से निकलें।
शुक्रवार को भी रही ऐसी ही स्थिति
कैंट और आगरा फोर्ट स्टेशन पर आने-जाने वाली लंबी दूरी की करीब 14 ट्रेनें अपने निर्धारित समय से घंटों विलंब से चलीं। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान आगरा कैंट पर शुक्रवार को 42 यात्रियों ने 37 हजार से ज्यादा रुपये रिफंड लिया।
शुक्रवार को सबसे ज्यादा 8 घंटे 45 मिनट की देरी से सीएसएमटी-अमृतसर एक्सप्रेस आगरा कैंट पहुंची। लोकमान्य तिलक टर्मिनस हरिद्वार एक्सप्रेस 7 घंटे 38 मिनट लेट रही। पंजाब मेल भी 6 घंटे 12 मिनट की देरी से आगरा आई। अवध एक्सप्रेस 5 घंटे 45 मिनट लेट रही। प्रयागराज-लालगढ़ एक्सप्रेस 4 घंटे 40 मिनट देरी से पहुंची।
इसी तरह पटना कोटा एक्सप्रेस 4 घंटे 35 मिनट लेट रही। मरुधर एक्सप्रेस 3 घंटे 35 मिनट की दूरी से पहुंची। जीटी एक्सप्रेस 2 घंटे 14 मिनट के विलंब से पहुंची। सुशासन एक्सप्रेस 2 घंटे 57 मिनट, वंदे भारत एक्सप्रेस करीब 1 घंटे 41 मिनट देरी से चली। उत्कल एक्सप्रेस 2 घंटे 35 मिनट देरी से चली। रेलवे की पीआरओ प्रशस्ति श्रीवास्तव ने बताया कि कोहरे के कारण ट्रेन लेट हो रही हैं। यात्री स्टेशन पहुंचने से पहले ट्रेन की स्थिति की जांच अवश्य कर लें।