ताजमहल में सफाई करने के नाम पर हेर-फेर किया जा रहा है। शहर के कुछ एनजीओ ने ताज में सफाई का जिम्मा लेने का दावा किया, लेकिन महज फोटो और नाम के लिए ही ताज में सफाई का ड्रामा किया जा रहा है। सफाई की हकीकत अमर उजाला ने अपने कैमरे में कैद की। ताज में प्रवेश करते ही आरओ प्लांट के पास की गैलरी में कूड़े के ढेर लगे हुए हैं जिसे साफ करने में एनजीओ की रुचि नहीं दिखी। यहां एक नहीं, बल्कि तीन दिनों से कूड़े के ढेर लगे हैं। बता दें कि ताज में तीन दिनों से एनजीओ सफाई करने का दावा कर रहे हैं।
ताजमहल में सफाई का अनुबंध खत्म होने के बाद गंदगी के ढेर लग रहे हैं। एएसआई ने शुक्रवार को वृहद सफाई अभियान चलाकर 43 बोरे कूड़ा फेंक दिया, लेकिन उसके बाद शहर के एनजीओ ने सफाई की जिम्मेदारी ले ली। तीन दिनों से सफाई के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जिस गेट से एनजीओ के सदस्य ताज में प्रवेश कर रहे हैं, उसी जगह पूरी गैलरी में कूड़े के ढेर लगे हैं। आर ओ प्लांट के पास चिप्स, कुरकुरे, बिस्किट, पानी की बोतलों, शू कवर का कचरा गैलरी में भरा पड़ा है, जबकि एनजीओ सफाई के दावे करते हुए फोटो खिंचवाने में व्यस्त हैं।
एएसआई ने चलाया ताल फिरोज खां में अभियान
ताजमहल में शुक्रवार को सफाई करने के बाद एएसआई अधिकारियों का दल सोमवार को ताल फिरोज खां में सफाई के लिए पहुंचा। सुबह 9 से 10 बजे तक अधिकारियों ने स्मारक में सफाई अभियान चलाया। इस दौरान डिप्टी सुपरिंटेंडेंट केए कबुई, सहायक पुरातत्वविद डा. अर्खित प्रधान, डा. महेंद्र पाल, आरके तिवारी, संरक्षण सहायक अमरनाथ गुप्ता, राजनारायण, गुलाब चंद्र दीक्षित सहित एएसआई अधिकारी मौजूद रहे। एएसआई अधीक्षण पुरातत्वविद डा. भुवन विक्रम के मुताबिक 27 मई को मरियम के मकबरे में सफाई अभियान चलाया जाएगा।
प्रशासन का व्हाट्सएप्प ग्रुप हुआ फेल
पर्यटन बंधु की बैठक में आगरा में सफाई के लिए डीएम ने पर्यटन उद्यमियों, नगर निगम और यूपी टूरिज्म के साथ व्हाट्सएप्प ग्रुप की शुरूआत की थी, जिस पर कोई भी गंदगी के फोटो डाल सकता था। वहां सफाई कराने की जिम्मेदारी नगर निगम की थी, लेकिन यह ग्रुप फेल साबित हो रहा है।