भाई दूज पर जेलों में सुरक्षा के मद्देनजर, चेकिंग की त्रिस्तरीय व्यवस्था की गई थी। महिलाओं को केवल पूजा सामग्री के साथ पैक्ड मिठाई ले जाने की अनुमति थी। शाम तक बहनों की भीड़ रही।
भाई दूज पर जिला और केंद्रीय कारागार में बंद भाइयों का टीका करने के लिए बहनों की भीड़ रही। सुबह से लेकर शाम तक हजारों महिलाओं ने अपने भाइयों से मुलाकात की। उन्हें टीका लगाकर लंबी आयु की कामना की। इस दौरान कई बहनों की आंखों से खुशी और बिछड़ने के गम के आंसू छलक पड़े।
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जिला जेल परिसर में सुबह 7 बजे से ही बहनों का पहुंचना शुरू हो गया था। जेल प्रशासन ने मुलाकातियों को व्यवस्थित तरीके से प्रवेश देने के लिए पर्ची प्रणाली अपनाई और उन्हें अलग-अलग शिफ्टों में प्रवेश दिया गया। जेल परिसर के भीतर महिलाओं के बैठने और जलपान की भी उचित व्यवस्था की गई थी। अपराह्न 4 बजे तक मुलाकात का सिलसिला जारी रहा। सुरक्षा के मद्देनजर, चेकिंग की त्रिस्तरीय व्यवस्था की गई थी। महिलाओं को केवल पूजा सामग्री के साथ पैक्ड मिठाई ले जाने की अनुमति थी। जेल अधीक्षक हरिओम शर्मा ने बताया कि 274 पुरुष बंदियों से 307 महिलाओं और उनके साथ 69 बच्चों को प्रवेश दिया गया।
केंद्रीय कारागार में भी दिखा भाई दूज का उत्साह
जिला जेल की तरह ही केंद्रीय कारागार में भी भाई दूज का उत्साह देखा गया। कारागार के जेलर संतोष कुमार ने बताया कि 190 बंदियों से मिलने के लिए 190 पुरुष के साथ 116 महिलाएं और 51 बच्चे आए। महिलाओं ने बंदी भाइयों का टीका किया।