गर्मी से उल्टी-दस्त, बुखार, पेट में दर्द के मरीजों की संख्या दो गुना से अधिक हो गई है। सोमवार को मेडिसिन विभाग में 552, वक्ष एवं क्षय रोग विभाग में 327 और बाल रोग विभाग में 174 मरीज आए।
एसएन मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में सोमवार को मरीजों की भीड़ टूट पड़ी। पर्चे और दवाओं के लिए मारामारी-धक्कामुक्की झेलनी पड़ी। डेढ़ घंटे में पर्चा बन पाया। भीषण गर्मी-उमस में कतार में खड़े रहने से मरीजों की हालत और बिगड़ गई। चक्कर आने पर कई मरीज परेशान होकर जमीन पर ही बैठ गए।
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एसएन की ओपीडी में 3,241 मरीज आए। सुबह 8 बजे से ही मरीजों की कतार लगना शुरू हो गई। सुबह 9 से 12 बजे तक हॉल ठसाठस भरा रहा। ओपीडी के गेट के बाहर तक कतार लग गई। भीड़ से बुजुर्ग और महिला मरीजों को सबसे ज्यादा दिक्कत हुई। गर्मी के कारण कई मरीजों को घबराहट होने लगी और चक्कर आने लगे। इस पर वो कतार छोड़कर बैठ गए। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि सोमवार को अन्य दिनों के मुकाबले डेढ़ गुना मरीज होते हैं। भीड़ देख ऑनलाइन भी पर्चे बनवाए जा रहे हैं।
सुबह से लाइन में लगे हैं
मरीज गुड्डी देवी ने बताया कि घुटनों की परेशानी है, सुबह 10 बजे से कतार में लगी हूं। डेढ़ घंटे में पर्चा बन पाया। गर्मी और उमस और धक्कामुक्की से परेशानी हुई। चक्कर आने लगे। काउंटरों की संख्या और बढ़ानी चाहिए। गढ़ी चांदनी के हैदर अली ने बताया कि त्वचा के इलाज के लिए पर्चा बनवाने और चिकित्सक को दिखाने में 3 घंटे से अधिक का समय लगा। पर्चे, डॉक्टर को दिखाने और फिर दवा लेने के लिए कतार में लगना पड़ा। गर्मी से परेशानी और होने लगी।
उल्टी-दस्त, सिर में दर्द के ज्यादा मरीज
गर्मी से उल्टी-दस्त, बुखार, पेट में दर्द के मरीजों की संख्या दो गुना से अधिक हो गई है। सोमवार को मेडिसिन विभाग में 552, वक्ष एवं क्षय रोग विभाग में 327 और बाल रोग विभाग में 174 मरीज आए। रक्तचाप की समस्या के मरीज भी आए। हालत गंभीर मिलने पर रोजाना 30-40 मरीजों को भर्ती करना पड़ रहा है। इससे मेडिसिन और बाल रोग विभाग के बेड भी फुल चल रहे हैं। त्वचा रोग में 274 मरीज आए। इनमें खुजली, सनबर्न, एलर्जी, चकत्ते और लाल दानों की परेशानी के मरीज अधिक रहे।
इन बातों का रखें ख्याल
- बाजार के जरूरी कार्य सुबह और देर शाम को निपटाएं।
- जरूरी न हो तो सुबह 11 से 5 बजे तक बाहर न निकलें।
- खाली पेट बाहर नहीं जाएं, हर आधा घंटे में पानी पीएं।
- धूप में सिर ढकें, पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें।
- तरबूज, खरबूज, संतरा, अंगूर समेत रसदार फल खाएं।
- छाछ, लस्सी, नीबू शिकंजी, नारियल पानी अधिक पीएं।
- तला, फास्ट फूड से बचें, सलाद-हरी सब्जी और दाल खाएं।