आगरा। आईएसबीटी से गुरु का ताल के बीच मेट्रो निर्माण के दौरान एनएच-19 पर फुट ओवरब्रिज (एफओबी) को हटाए बिना यू गर्डर रखा गया है। इससे राहगीरों को सड़क पार करने की सुविधा मिलती रहेगी और यातायात पर भी कम असर पड़ेगा।
उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) के संयुक्त महाप्रबंधक पंचानन मिश्रा ने बताया कि गुरु का ताल और सिकंदरा मेट्रो स्टेशन सिंगल पिलर तकनीक से बनाए जा रहे हैं। इससे कम जगह में निर्माण संभव है और भविष्य में सड़क चौड़ीकरण में भी बाधा नहीं आएगी। यू गर्डर का निर्माण रुनकता स्थित कास्टिंग यार्ड में किया जाता है। इसके बाद क्रेन से पिलर पर रखा जाता है।
आईएसबीटी से सिकंदरा के बीच 272 यू गर्डर लगाए जाने हैं, जिनमें से 240 का निर्माण हो चुका है। इस खंड के तीनों स्टेशनों के 24 क्रॉस आर्म भी लगाए जा चुके हैं। इसके अलावा 52 में से 40 आई गर्डर और 123 में से 117 पियर कैप लगाए जा चुके हैं। आगरा में 29.4 किलोमीटर लंबे दो मेट्रो कॉरिडोर में 27 स्टेशन बनाए जा रहे हैं। पहले कॉरिडोर में 13 और दूसरे में 14 स्टेशन हैं।