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Agra News: दुबई भेजे जा रहे थे ऑनलाइन गेमिंग एप से ठगी के करोड़ों रुपये, 4 गिरफ्तार

Mon, 02 Feb 2026 02:58 AM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
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साइबर ठगी करने वाले गैंग के सदस्य।
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आगरा। थाना सिकंदरा पुलिस और साइबर सेल ने ऑनलाइन गेमिंग एप के जरिये साइबर ठगी करने वाले गैंग के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से 2.16 लाख रुपये, 72 डेबिट कार्ड, 18 सिम, 14 मोबाइल और चार नकली आधार कार्ड समेत खातों संबंधी दस्तावेज बरामद हुए हैं। आरोपी कई प्रदेशों में हुई 10 करोड़ से अधिक की साइबर ठगी के रुपयों को बैंकों से निकाल कर दुबई में बैठे मास्टर माइंड तक पहुंचा चुके हैं।
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इस गैंग को फिरोजाबाद के थाना मटसेना के बालचंदपुर का निवासी मोनू संचालित कर रहा था। पुलिस उसकी तलाश में दबिश दे रही है। डीसीपी पश्चिम और साइबर अपराध आदित्य कुमार ने बताया कि पुलिस को ऑनलाइन गेमिंग एप महादेव, अन्नारेड्डी और सुपर 100 आदि एप से ठगी के बाद बैंक खातों में गई रकम को डेबिट कार्ड और बैंकों से निकाले जाने की सूचना मिली थी। एनसीआरबी पोर्टल पर दर्ज 31 शिकायतों में 10 करोड़ के लगभग की ठगी के रुपये आगरा से निकाल कर मास्टरमाइंड को भेजे जाने की पुष्टि हुई।
इसी दौरान सिकंदरा के अशोक वैन्यू अपार्टमेंट के एक फ्लैट में रह रहे युवकों के साइबर अपराध में जुड़े होने की सूचना मिली। आरोपी रोजाना विभिन्न बैंकों और एटीएम से रुपये निकालते देखे जा रहे थे। थाना पुलिस और साइबर सेल की टीम ने शनिवार रात फिरोजाबाद के मटसेना थाना क्षेत्र के गांव जमालपुर के हिमांशु, फिरोजाबाद के रसूलपुर थाना के एलान नगर के आशीष, मटसेना थाना क्षेत्र के हमीरपुर गांव के सूरज और एकता थाना क्षेत्र के श्यामो गांव के रामू को गिरफ्तार किया।
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उनके पास से 4 नकली आधार कार्ड, भिन्न भिन्न व्यक्तियों व बैंकों के 72 डेबिट कार्ड, 14 मोबाइल, 2 मुहर, 1 इंक पैड, 2 राउटर, 4 टाइपिंग नंबर की बोर्ड, 29 चेक बुक, 37 पास बुक, 2 लैपटॉप, 2.16 लाख रुपये और 18 सिमकार्ड बरामद हुए। कोई खाता फ्रीज हाेने पर आरोपी उस खाते को बंद कर दूसरे खाते का इस्तेमाल करने लगते थे।
पुलिस जांच में सामने आया है कि गेमिंग एप और अन्य माध्यम से होने वाली साइबर ठगी की रकम का लेनदेन का काम दुबई में बैठा आरोपी कर रहा है। पुलिस को उसके कंप्यूटर और मोबाइल के आईपी एड्रेस मिले हैं। वह स्थानीय लोगों को कमीशन देकर लोगों के खातों की जानकारी लेता है और खातों में आई रकम को उन्हीं से निकलवा कर दूसरे खातों से अपने पास मंगाता है। इसके बाद विभिन्न साइबर ठगों को ठगी गई रकम पहुंचाता है। इस तरह निकासी करने से खातों के बीच की चेन टूट जाती है और पुलिस आरोपियों तक नहीं पहुंच पाती थी। पूरे लेनदेन में सभी का कमीशन तय रहता है।
20 हजार में बेचते थे चालू खाता
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह मोनू के साथ मिलकर साइबर ठगी व ऑनलाइन सट्टा खिलवाने का काम करते हैं। लोगों को बहलाकर थोड़ा लालच देकर उनके दस्तावेज से उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाते हैं, उनसे एटीएम व पासबुक ले लेते हैं और आईडी पर सिम कार्डों को जारी करवा लेते हैं। ऑनलाइन सट्टा व साइबर ठगी से प्राप्त रकम को वो लोग खुद ही बैंक और एटीएम से निकालकर 40 प्रतिशत हिस्सा आपस में बांट लेते हैं और शेष रकम मोनू को दे देते हैं।

कार्ड और दस्तावेज में छिपे राज
शनिवार को गिरफ्तारी के बाद रविवार को बैंक बंद थीं। बरामद खातों के दस्तावेज की जानकारी के लिए पुलिस संबंधित बैंकों से संपर्क कर रही है। पुलिस को खातों के उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, उत्तराखंड और महाराष्ट्र के लाेगों के नाम पर होने का पता चला है। माना जा रहा है कि खातों से और भी कई लोगों को ठगा गया है और यह रकम कई करोड़ हो सकती है।
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