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बढ़े हुए तापमान से प्रभावित हो सकता है गेहूं का उत्पादन

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मैनपुरी। जनवरी के प्रथम पखवाड़े में बढ़े हुए तापमान ने रबी की फसल को प्रभावित किया है। तापमान इसी तरह अधिक रहा तो किसानों को उत्पादन गिरने की चिंता सता रही है। गेहूं की फसल के लिए ये मौसम सर्वाधिक प्रतिकूल है। अगर जल्द ही तापमान में गिरावट न आई तो गेहूं का उत्पादन प्रभावित होगा।
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जिले में बड़े पैमाने पर रबी फसलों की खेती की जाती है। इसमें गेहूं का रकबा सर्वाधिक 1.51 लाख हेक्टेयर के करीब है। दो लाख से अधिक किसान गेहूं की खेती करते हैं। जिले में गेहूं का उत्पादन भी 50 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक होता है। इस बार भी गेहूं की बुवाई किसानों ने की है, लेकिन मौसम उनका साथ नहीं दे रहा है।
जनवरी में अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस तक और न्यूनतम तापमान पांच से सात डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है। इस बार जनवरी की शुरुआत से लेकर अब तक तापमान लगातार अधिक है। न्यूनतम तापमान जहां 14 डिग्री सेल्सियस तक रहा, वहीं अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
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ऐसे में गेहूं की फसल प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। जानकारों के अनुसार अधिक तापमान होने से गेहूं की फसल बिना पूरी प्रगति के ही पकना शुरू हो जाएगी। इससे दाना कम पड़ेगा। वर्तमान में गेहूं बढ़ रहा है, ऐसे में अगर मौसम गर्म हुआ तो वृद्घि रुक जाएगी और बाल निकलना शुरू हो जाएगी। इन दोनों ही कारणों से उत्पादन प्रभावित होगा।
ये है गेहूं के लिए उपयुक्त तापमान
रबी के सीजन में सरसों, गेहूं, चना, जौ, मसूर और मटर आदि फसलों की बुवाई की जाती है। इनके लिए कोहरे व ठंड का मौसम होना अनिवार्य है। इसके लिए अधिकतम तापमान 18 डिग्री से 20 डिग्री के बीच और न्यूनतम तापमान शून्य से पांच डिग्री अनुकूल है।
ऐसे बढ़ा तापमान
जिले में एक जनवरी को न्यूनतम तापमान नौ डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस था। दो जनवरी को न्यूनतम तापमान 12 और अधिकतम तापमान 21 डिग्री रहा। तीन जनवरी न्यूनतम तापमान 14 और अधिकतम तापमान 22 तथा चार जनवरी को न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस तथा अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहा।
वहीं पांच जनवरी को न्यूनतम 14 और अधिकतम 26 तथा छह जनवरी को 13 और 24, सात जनवरी को 11 और 23 तथा आठ जनवरी को 13 और 21 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। वहीं नौ जनवरी को न्यूनतम तापमान 13 और अधिकतम 22 तथा दस जनवरी को न्यूनतम तापमान आठ और अधिकतम 22 डिग्री सेल्सियस रहा।
रबी की फसलों के क्षेत्रफल पर एक नजर
-गेहूं-151358
-जौ-3063
-मक्का-615
-चना-850
-मटर-1472
-मसूर-142
-सरसों-3857
चिंता का विषय है तापमान
गेहूं की फसल के लिए बढ़ा हुआ तापमान चिंता का विषय है। जनवरी के प्रथम पखवाड़े में तापमान अपेक्षाकृत अधिक रहा है। ऐसे में फसल में जल्द ही बाल निकलने के साथ ही दाना भी जल्द ही पक जाएगा। इससे उत्पादन प्रभावित हो सकता है।
डॉ. गगनदीप सिंह, जिला कृषि अधिकारी।
करते रहें हल्की सिंचाई
इस बार अधिक तापमान गेहूं की फसल के लिहाज से ठीक नहीं है। इसमें कुछ नहीं किया जा सकता है, लेकिन किसान खेतों में नमी बनाए रखें। गेहूं की फसल को सूखने न दें। इससे काफी हद तक राहत मिलेगी।
डॉ. विकास रंजन चौधरी, कृषि वैज्ञानिक।
किसानों की बात
किसान तो पूरी मेहनत के साथ फसलों की बुवाई और उनकी देखभाल करता है। मौसम के आगे उसकी नहीं चलती है। इस बार भी जनवरी में धूप तेज हो रही है, कोहरा भी नहीं है। न जाने गेहूं कैसे होगा।
अवधेश शाक्य, नगला पाई।
मौसम की मार के आगे किसान बेबस है। अभी जहां अधिक गर्मी होने के कारण फसल खराब होने का डर सता रहा है। वहीं गेहूं की कटाई के समय आंधी और बारिश से फसल बरबाद हो जाती है। इस बार अधिक नुकसान की आशंका है।
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रामवीर सिंह, नगला पजाबा।
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