चंबल सेंक्च्युरी में जन्में घड़ियाल शिशुओं के व्यवहार पर अमेरिकी विशेषज्ञ शोध करा रहे हैं। मद्रास क्रोकोडाइल बैंक की ओर से कराए जा रहे रिसर्च के लिए विशेषज्ञ घड़ियाल शिशुओं की वीडियो रिकार्डिंग कर रहे है। रिसर्च की रिपोर्ट के आधार पर उनके सर्वाइवल को बढ़ाने के लिए कदम उठाए जाएंगे।
घड़ियाल प्रोजेक्ट के लिए मशहूर चंबल सेंक्च्युरी में हर साल हैचिंग के जरिये हजारों शिशु जन्म लेते हैं। लेकिन इनका सर्वाइवल 3 से 5 फीसदी ही रहता है। इनका सर्वाइवल बढ़ाने और लाइफ साइकल को जानने के लिए मद्रास क्रोकोडाइल बैंक इस पर शोध करा रहा है। बैंक की ओर से पहुंचे अमेरिकी विशेषज्ञ बाह और भिंड से सटे इटावा की सीमा में नदी किनारे घड़ियाल शिशुओं की वीडियो रिकार्डिंग कर उनके व्यवहार का अध्ययन कर रहे हैं। टीम शोधकर्ता जैप के नेतृत्व में चंबल के गहराई वाले इलाकों में 12 कैमरे लगाकर रिकार्डिंग कर रही हैै। इसके बाद टीम अपनी रिपोर्ट तैयार कर चंबल सेंक्च्युरी के अधिकारियोें को सौंपेगी। उसी के अनुसार इनके सर्वाइवल के बढ़ाने के प्रयास किए जाएंगे। इटावा के रेंजर सुरेश चंद्र राजपूत ने बताया कि मद्रास क्रोकोडाइल बैंक की टीम पिछले तीन साल से घड़ियालों पर शोध कर रही है। इस बार अमेरिकी विशेषज्ञ शिशुओं की दिनचर्या का अध्ययन कर रहे हैं।