स्वास्थ्य विभाग में अगले महीने से चिकित्सकीय संस्थानों के पंजीकरण, लाइसेंस के नवीनीकरण की प्रक्रिया शुरू हो रही है। इनके लाइसेंस के नवीनीकरण अस्पताल में डॉक्टर की मौजूदगी के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज, आईसीयू एक्सपर्ट समेत 17 मानकों पर परखा जाएगा। विभाग ने बीते साल खामियां वाले 80 अस्पताल और पैथोलॉजी लैब की सूची अलग से बनाई है।
स्वास्थ्य विभाग में 487 अस्पताल, 492 क्लीनिक, 150 पैथोलॉजी लैब, 103 डायग्नोस्टिक सेंटर और 85 डेंटल क्लीनिक पंजीकृत हैं। बीते साल विभाग के छापे के दौरान डॉक्टर-प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ नहीं था। आईसीयू में विशेषज्ञ और बिना अनुमति के आईसीयू संचालित मिले। कई ऐसी भी शिकायत आईं, जिसमें मरीज की मौत के बाद परिजनों ने डॉक्टर नहीं होने का आरोप लगाया।
ऐसे करीब 80 अस्पताल और पैथोलॉजी लैब की सूची बनाई है। इनकी अलग से सूची बनाई है, जिनके लाइसेंस के नवीनीकरण के वक्त विशेष टीम से भौतिक सत्यापन कराया जाएगा। सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि लाइसेंस नवीनीकरण की प्रक्रिया एक अप्रैल से शुरू होगी। करीब 80 दागी और खामियां वाले अस्पताल-लैब की विशेष टीम से जांच कराएंगे।
इन मानकों पर होगा
- डॉक्टर के चैंबर, प्रवेश द्वार और रिसेप्शन के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज।
- आईसीयू विशेषज्ञ और प्रशिक्षित स्टाफ के पैनल और चिकित्सकीय डिग्री।
- बेसमेंट में वार्ड, आईसीयू-एनआईसीयू तो संचालित नहीं हो रहा।
- पीले बोर्ड पर सेवाएं देने वाले चिकित्सक का नाम और योग्यता।
- बोर्ड पर अस्पताल में उपलब्ध सुविधाएं उनका निर्धारित शुल्क
- सुरक्षा उपकरण समेत जरूरी विभागों की ओर से एनओसी