मैनपुरी। अपराध नियंत्रण के लिए गिरफ्तारी के समय ही अपराधियों का आपराधिक ब्यौरा बनाया जाएगा। पेशेवर अपराधियों का आपराधिक रिकार्ड जुटाया जाएगा। अपराधी को कोर्ट में पेश करने के दौरान और जेल में दाखिल करते समय आपराधिक ब्यौरे को पुलिस पेश करेगी। हाईकोर्ट के आदेश के बाद पुलिस नए सिरे से काम शुरू करेगी।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब पेशेवर अपराधियों का गिरफ्तारी के समय ही पारिवारिक और आपराधिक ब्यौरा बनाया जाएगा। पेशेवर अपराधियों का पूरा रिकार्ड थाने के साथ ही संबंधित कोर्ट ओर जेल के अभिलेखों में मौजूद रहेगा। अपराधियों के आपराधिक छवि के रिश्तेदारों की सूची बनाकर दूसरे जिलों से उनकी भी पुष्टि कराई जाएगी।
हाईकोर्ट ने अपराधियों की गिरफ्तारी के समय ही उनके परिवारीजनों और अपराधी छवि के नजदीकी रिश्तेदारों का पूरा ब्यौरा जुटाने को कहा है। ब्यौरे में उनके आपराधिक इतिहास के साथ ही परिवारीजनों और रिश्तेदारों के मोबाइल नंबर दर्ज करना अनिवार्य किया गया है। अपराधियों के परिवारीजनों और रिश्तेदारों से जानकारी जुटाकर अपराध को नियंत्रण करने की पहल के चलते नए सिरे से पुलिस काम करेगी।
पेशेवर अपराधियों पर पुलिस की नजर रहेगी। भाड़े पर हत्या, अपहरण, लूट, डकैती, जमीनों पर कब्जा करने वाले अपराधी इस श्रेणी में शामिल किए जाएंगे। इनकी गिरफ्तारी के समय ही पुलिस उनका ब्यौरा तैयार करेगी। अपराधी के परिवार के लोगों का पूरा विवरण दर्ज होगा।
अपराध नियंत्रण शासन की प्राथमिकता है। गंभीर अपराधों को अंजाम देनेे वाले अपराधियों का पूरा ब्यौरा संबंधित थाने, जेल और कोर्ट में भी उपलब्ध होगा। जिससे अपराध नियंत्रण में आसानी होगी।
अमर बहादुर सिंह, सीओ सिटी