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कर्ज चुकाने के लिए युवक ने बनाई अपहरण की सनसनीखेज कहानी, दो घंटे में पुलिस ने खोला सच

Fri, 09 Oct 2020 11:42 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

गौरव के ममेरे भाई विकास ने पुलिस को बताया कि वह और गौरव मोमोज लेकर लौट रहे थे। रास्ते में झाड़ियों के पास तीन बाइक पर छह युवक आए और गौरव को जबरन साथ में बैठाकर ले गए। विरोध किया तो उसको पीटा, तमंचा तान दिया। उसके कपड़े फट गए। कुछ देर बाद गौरव के नंबर से फोन करके एक युवक ने 50 हजार रुपये की मांग की। 
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पुलिस ने हिरासत में लिया अपहरण की कहानी रचने वाला युवक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा में थाना एत्माद्दौला के दुर्गा नगर निवासी गौरव (28) पुत्र रमेश प्रसाद सिंह ने गुरुवार शाम को अपहरण की झूठी कहानी बनाकर सनसनी फैला दी। पुलिस ने दो घंटे में उसे बरामद कर लिया। देर रात पुलिस युवक के खिलाफ कार्रवाई कर रही थी। 
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थाना एत्माद्दौला के प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि गुरुवार शाम तकरीबन साढ़े सात बजे पुलिस को दुर्गा नगर के पास से गौरव के अपहरण की सूचना दी गई। गौरव के ममेरे भाई विकास ने पुलिस को बताया कि वह और गौरव मोमोज लेकर लौट रहे थे।

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रास्ते में झाड़ियों के पास तीन बाइक पर छह युवक आए और गौरव को जबरन साथ में बैठाकर ले गए। विरोध किया तो उसको पीटा, तमंचा तान दिया। उसके कपड़े फट गए। कुछ देर बाद गौरव के नंबर से फोन करके एक युवक ने 50 हजार रुपये की मांग की। 
 
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शक होने पर पुलिस विकास को घटनास्थल पर लेकर पहुंची। वहीं गौरव की लोकेशन निकाली गई। जो पहले नुनिहाई, फिर शाहदरा की तरफ आने लगी। लोकेशन लगातार बदल रही थी। पुलिस की टीमों को लगाया गया। एक टीम निजी कार से तलाश में लगी। रात साढ़े नौ बजे शाहदरा मोड़ पर गौरव पुलिस को मिल गया।


पुलिस उसे थाने ले आई। उसने बताया कि पुलिस की चेकिंग होने पर आरोपी उसे छोड़कर भाग गए थे। मगर, अपहरण के बाद 50 हजार की रकम मांगे जाने की बात पुलिस के गले नहीं उतर रही थी। थाना के प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि गौरव से सख्ती से पूछताछ की तो उसने अपहरण की कहानी बनाने की बात कबूल की। पुलिस झूठी सूचना देेने के मामले में गौरव और विकास पर कार्रवाई करने की बात कह रही थी।


रकम मिलने पर कर्ज चुकाना चाहता था गौरव
गौरव ने पुलिस को बताया कि लॉकडाउन में उसकी नौकरी चली गई। इस दौरान 50 हजार रुपये का कर्ज हो गया। पिता भारतीय स्टेट बैंक से सेवानिवृत्त हुए हैं। कर्ज चुकाने के लिए परिजनों से रुपये लेने की योजना बनाई। ममेरे भाई को साथ मिलाया। उसने खुद ही अपने कपड़े फाड़ दिए थे। गौरव शादीशुदा है। उसका एक बच्चा भी है। 
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