फिरोजाबाद जनपद में बनकट रेलवे पुल के निकट पांच दिन पूर्व बाइक सवारों से हुई लूट के मामले में पूछताछ के लिए थाने बुलाया युवक दहशत में आ गया। शुक्रवार को फिर से थाने बुलाने पर दहशत में आए युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
मृतक के शरीर पर चोटों के निशान थे। परिजनों ने पुलिस पर थाने ले जाकर थर्ड डिग्री देने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। मुआवजे की मांग को लेकर शव को नहीं उठने दिया। मौके पर उपजिलाधिकारी और क्षेत्राधिकारी के आश्वासन के बाद हंगामा शांत हुआ और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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27 सितंबर को थाना नारखी के गांव त्रिलोकपुर निवासी सुनील वर्मा व उनके साथी प्रेम कश्यप से बाइक सवार तीन बदमाशों ने दस हजार रुपये, मोबाइल व बाइक लूट ली थी। मामले की जांच में पुलिस जुटी हुई थी। पुलिस ने क्षेत्र के अपराधियों की लिस्ट खंगालते हुए गांव धीरपुरा निवासी पिंटू को पूछताछ के लिए थाने बुलाया, लेकिन वह नहीं पहुंचा। परिजनों का आरोप है कि गत मंगलवार रात्रि करीब दो बजे थाना नगला सिंघी पुलिस घर से पिंटू को उठाकर ले गई थी। गुरुवार को परिजन उसे थाने से छुड़ाकर लाए। आरोप है कि तब उसके शरीर पर चोटों के निशान थे। पुलिस ने दो दिन तक उसे थर्ड डिग्री दी।
युवक की मौत के बाद मौके पर पहुंचे लोगों से बात करते पुलिस अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
परिजनों के मुताबिक उसके गुप्तांग पर भी करंट लगाया गया था, जिसके चलते वह दहशत में था। शुक्रवार को पुलिस ने फिर से उसे थाने बुलाया था। इससे दहशत में आ गया था और सुबह करीब नौ बजे घर से निकल गया। दोपहर 12 बजे पशु चरा रहे बच्चों ने परिजनों को जानकारी दी कि पिंटू ने गांव के बाहर खेत में स्थित नीम के पेड़ पर रस्सी से फांसी लगा ली है। मौके पर पहुंचे परिजनों और ग्रामीणों ने हंगामा शुरू कर दिया।
सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेने की कोशिश की लेकिन ग्रामीणों ने शव को उठाने नहीं दिया। पुलिस पर थर्ड डिग्री देने का आरोप लगाते हुए हंमागा किया साथ ही पांच लाख रुपये मुआवजा व दोषी पुलिस कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग करने लगे। मौके पर सीओ देवेंद्र कुमार पहुंचकर उन्हें समझाया। एसडीएम राजेश कुमार वर्मा के आश्वासन के बाद देर शाम शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
परिजनों ने लगाया 50 हजार मांगने का आरोप
मृतक के पिता सूबेदार दिवाकर का आरोप है कि पुलिस 30 हजार रुपये की मांग कर रही थी। उनका पुत्र फिरोजाबाद के श्रीनाथ फैक्ट्री में काम करता है। घटना के दिन भी वह फैक्ट्री में था। उनके पुत्र के विरुद्ध करीब छह साल पहले एक लूट का झूठा मुकदमा दर्ज किया था। उसी को आधार मानकर पुलिस उनके पुत्र को प्रताड़ित कर रही थी। पुलिस की पिटाई से परेशान होकर उसने खुदकशी की है।
अनाथ हो गए चार मासूम
मृतक पिंटू ने अपने पीछे विकलांग पिता व सात वर्षीय पुत्री रागिनी, पांच वर्षीय राघव, तीन वर्षीय कल्लो व एक वर्षीय प्रज्ञा को रोते बिलखते छोड़ा है। पत्नी नीलम का रो-रोकर बुरा हाल था।
मृतक को पूछताछ के लिए लाया गया था। कुछ देर बाद ही उसे गांव के एक व्यक्ति के सुपुर्द कर दिया गया था। परिजनों की तहरीर पर मामला दर्ज कराया जाएगा। थर्ड डिग्री के आरोप गलत हैं। देवेंद्र कुमार, पुलिस क्षेत्राधिकारी, टूंडला
मृतक के परिजनों ने पुलिस पर आरोप लगाए हैं। सीओ टूंडला ने परिजनों से तहरीर ले ली है, जो मुकदमा दर्ज कराकर कार्रवाई करेंगे। नियमानुसार जो मुआवजा मिलेगा वह दिलाया जाएगा। राजेश कुमार वर्मा, उपजिलाधिकारी, टूंडला