यमुना एक्सप्रेसवे की मांट चौकी रात भर अपने कांस्टेबल पिता की हवस की शिकार बनी विवाहिता ने मदद के लिए चुपके से अपने पति को फोन किया। उसका पति चंडीगढ़ में था। रात में अचानक पत्नी के मुंह से ये सारी बातें सुनकर पति के भी होश उड़ गए। वह फौरन चंड़ीगढ़ से मथुरा के लिए चल दिया।
मंगलवार को सुबह एसएसपी के सामने पीड़िता ने बताया कि उसका हेड कांस्टेबल बाप चौकी में रात भर उसके जिस्म से खेलता रहा। उसने चीखने की कोशिश की तो आरोपी ने वहीं जान से मारने की धमकी देकर उसे चुप करा दिया। डरी सहमी बेटी रात भर खुद को पैदा करने वाले बाप से ही बेआबरू होती रही।
इसी दौरान अचानक उसका पिता बाहर गया तो उसने चंडीगढ़ में अपने पति को मदद के लिए फोन मिलाया। पीड़िता का पति चंडीगढ़ में निजी सुरक्षाकर्मी (पीएसओ) है। रात में पत्नी का फोन देखकर पति भी हड़बड़ा गया। इसके बाद जब उसकी पत्नी ने कहा कि मेरा बाप मेरी इज्जत से खेल रहा है तो यह सुनकर पति के होश ही उड़ गए। रोते-रोते पीड़िता ने सारी बात फोन पर ही पति को बता दी।
इस पर पति रात में ही चंडीगढ़ से मथुरा के लिए चल दिया। तब पीड़िता चौकी में ही कैद रही। सुबह अचानक उसे मौका मिला और तो वह चौकी से भाग निकली। पीड़िता ने चौकी के पास ही बंद पड़े ढाबे में छुपकर खुद को बचाया। तब तक उसका पति भी वहां पहुंच गया। इसके बाद दोनों ने पिता को पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया।