गांव बड़ोबरा में बशीर नाम के युवक ने अपने पड़ोसी को फंसाने के लिए पहले धार्मिक पुस्तक के पन्ने फाड़ दिए। इसके बाद उसके खिलाफ लूट की झूठी तहरीर दे दी। लेकिन पुलिस की जांच में उसका झूठ सामने आ गया। उसे हिरासत में ले लिया गया है। गांव वालों का आरोप है कि वह पहले भी दो लोगों को धार्मिक पुस्तक फाड़ने के आरोप में जेल भिजवा चुका है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।
पुलिस ने बताया कि बशीर नाम का युवक गुरुवार को जुए में दस हजार रुपये हार गया था। वह शुक्रवार सुबह घर के बाहर खड़ा होकर गुस्से में बड़बडा़ रहा था। पड़ोसी दिनेश ने इसका विरोध किया। इसी पर दोनों में झगड़ा हो गया। दिनेश का कहना है कि बशीर ने धर्मग्रंथ के पन्ने फाड़कर उसे जेल भिजवाने की धमकी दी और थाने की तरफ जल दिया।
दिनेश का कहना है कि उसने कंट्रोल रूम पर फोन करके बता दिया कि बशीर धर्मग्रंथ फाड़कर उसे फंसाने के लिए थाना गया है। उधर इस सूचना पर एसपी देहात (पूर्वी) अखिलेश नारायण और सीओ अशोक सिंह और एसडीएम फतेहाबाद जेपी सिंह मौके पर पहुंच गए। हालांकि बशीर ने तहरीर धार्मिक पुस्तक फाड़ने की नहीं बल्कि दस हजार लूट और मारपीट की दी। उसने रास्ते में अपना प्लान बदल दिया था।
उसे पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पूछताछ में उसने सच कुबूल कर लिया। उसके खिलाफ वैमनस्यता फैलाने का केस दर्ज किया गया है। उधर, ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि उसने एक साल पहले एक रिक्शा चालक के खिलाफ धार्मिक पुस्तक फाड़ने की शिकायत पुलिस से की थी, जो जांच में झूठी पाई गई थी।