मैनपुरी के थाना बेवर क्षेत्र में रिश्वत ले रहे दरोगा और पुलिसकर्मियों का वीडियो वायरल हुआ है। मामले में गांव गढिया छिनकौरा निवासी युवक ने एसपी राजेश एस को प्रार्थना पत्र देकर बताया कि दरोगा ने जान बूझकर उसके विरुद्ध मुचलका फाड़ने का मुकदमा कायम कर दिया। जब उच्चाधिकारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच के आदेश दिए। तब भी उसने कुछ दिन पहले चार्जशीट लगा दी। एसपी ने मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
वायरल वीडियो में मैनपुरी के थाना बेवर क्षेत्र के दरोगा और पुलिसकर्मी चुनाव के दौरान निजी मुचलका भरवाने के नाम पर प्रति व्यक्ति 100-100 रुपये लेते दिख रहे हैं। इस वीडियो को बनाए हुए सात माह के बाद वायरल किए जाने का सच पीड़ित का पुलिस उत्पीड़न है। बेवर के गांव गढिया छिनकौरा निवासी मुकेश कुमार ने गुरुवार को एसपी राजेश एस को प्रार्थना-पत्र दिया है।
इसमें कहा है कि वह गांव में एक मोबाइल सर्विस की दुकान चलाता है। जनवरी में चुनाव के दौरान लोगों से बंध पत्र भरवाए जा रहे थे। किसी ने उसका नाम भी लिखवा दिया तो 12 जनवरी को गांव निवासी एक व्यक्ति के घर के बाहर बैठकर दरोगा और पुलिसकर्मी मुचलका भरवा रहे थे। उसे भी घर से बुलाया गया।
नहीं पहुंचने पर उसी रात तत्कालीन एसआई, दरोगा व अन्य पुलिसकर्मी घर में घुस आए परिवारीजनों के साथ मारपीट करते हुए झूठे मामले में फंसाने की चेतावनी दी। अगले दिन उसने बंध पत्र भरने के लिए पुलिस को 100 रुपये भी दिए। इसके बावजूद दरोगा ने उसके विरुद्ध मुचलका फाड़ने आदि के मामले में मुकदमा दर्ज करा दिया।