हेड कांस्टेबल ने बताया कि सिरफिरा अपनी पहचान नहीं बताता। वह उनकी बेटी बनकर बात करता है। बेटी ने अपना सिम ब्लॉक करा लिया। इसके बाद सिरफिरे ने अपना सिम डाल लिया है। बेटी ने एक व्हाट्स एप ग्रुप बना रखा था। उससे नंबर लेकर नया ग्रुप बना लिया।
वह बेटी के नाम से अश्लील संदेश भेज रहा है। उसकी सहेलियों के उसके पास फोन आए, तब सिरफिरे की करतूत का पता चला। उसने अपने जिस नंबर से संदेश भेजे, उस पर फोन किया तो कॉल रिसीव नहीं की। मैसेज करने पर उनकी बेटी बनकर ही जवाब देता है कि उसने नंबर बदल लिया है।
200 का ग्रुप बनाया था, 140 छोड़ गए
हेड कांस्टेबल ने बताया कि सिरफिरे ने व्हाट्सएप ग्रुप से 200 युवतियों और महिलाओं को जोड़ा था। ये सभी बेटी की सहेलियां और उनकी रिश्तेदार हैं। अश्लील संदेश देख इनमें से 140 ने बेटी को फोन कर जानकारी की। जब उन्हें पता चला तो उन्होंने ग्रुप छोड़ दिया। वह व्हाट्सएप कॉलिंग करता है। एप की मदद से युवती की आवाज में बात करता है।
सिरफिरे ने खुद को फतेहाबाद का बताया
हेड कांस्टेबल की बेटी ने एक मोबाइल नंबर से सिरफिरे को संदेश किया। उससे चैटिंग कर उसका पता पूछा तो उसने बताया कि वह फतेहाबाद का रहने वाला है। हेड कांस्टेबल ने इसकी जानकारी भी पुलिस को दे दी है। अब पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है।