यह गिरोह दो साल से धौलपुर में सक्रिय था। अब जून में आगरा में आ गया। जगदीशपुरा में कॉल सेंटर खोलने की तैयारी थी। साइबर सेल के मुताबिक, गिरोह ने ढाई साल में 500 लोगों से तकरीबन 50 लाख की ठगी की है। उनके खाते पंजाब नेशनल बैंक, एचडीएफसी बैंक, केनरा, सिंडीकेट, बैंक आफ बड़ौदा में हैं। उनकी जानकारी निकलवाई जा रही है।
10 राज्य के लोगों को बनाया शिकार
गिरोह के सरगना नरेश ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि विभिन्न कंपनी के एचआर मैनेजर के नाम से फर्जी आईडी बनाकर एड ओएलएक्स पर डालता है। इसमें शैक्षिक योग्यता तक लिखता है। उत्तर प्रदेश के आगरा, मुरादाबाद, मैनपुरी, बिजनौर, बिहार, दिल्ली, झारखंड, महाराष्ट्र, कन्याकुमारी, गुजरात, हरियाणा, महाराष्ट्र, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश के युवाओं से ठगी की।
युवकों के शैक्षिण प्रमाण पत्र ईमेल, व्हाट्स एप पर मंगवाते थे। पंजीकरण शुल्क के रूप में 15 हजार रुपये लेते थे। नियुक्ति पत्र तक व्हाट्स एप पर भेजते थे। इसके बाद प्रशिक्षण के नाम पर भी रकम जमा कराई जाती थी। मगर, किसी की नौकरी नहीं लगवा सके।