मलपुरा के धनौली निवासी अकबर की पत्नी को प्रसव पीड़ा होने पर दो दिन
पहले लेडी लायल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां उसने बेटे को जन्म
दिया। अकबर का दो साल का बेटा अर्श भी है। रविवार दोपहर डेढ़ बजे अर्श
वार्ड के बाहर अस्पताल परिसर में खेल रहा था। नजदीक ही उसकी दादी और अन्य
परिवारीजन बैठे थे। तभी आटो से उतरे एक व्यक्ति ने अर्श को गोद में उठा
लिया और वापस आटो में बैठ गया। ये देखकर अकबर ने शोर मचा दिया। इसके बाद
आटो को रोक लिया। कुछ ही देर में अन्य तीमारदार भी आ गए। उन्होंने चालक और
आटो में बैठे व्यक्ति को दबोच लिया। धुनाई कर डाली। जानकारी पर अस्पताल
प्रशासन ने थाना एमएम गेट पुलिस को बुला लिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को
पकड़ लिया। एसओ वहीद अहमद ने बताया कि पकड़े गए लोगों में बड़ोदरा, गुजरात
का फौजी राकेश और खेरिया मोड़ का आटो चालक चांद खां हैं। राकेश आर्मी बेस
वर्कशॉप आगरा में तैनात है।
नि:संतान राकेश को थी बेटे की चाह
पुलिस
के अनुसार, पूछताछ में फौजी ने बताया कि शादी के छह साल बाद भी उसे कोई
संतान नहीं हुई थी। वह एक बेटा चाहता था। रविवार को उसने छुट्टी ली थी।
इसके बाद खेरिया मोड़ से आटो चालक चांद को आगरा फोर्ट तक जाने को तय किया
था। आगरा फोर्ट से उसे अवध एक्सप्रेस से बड़ोदरा जाना था। वह घर पर बच्चा
लेकर जाना चाहता था। वह अपने घर पर बताता कि बच्चा गोद लिया है। अपनी करनी
पर फौजी को पछतावा था। पुलिस ने बताया कि संभवत: फौजी ने ये कदम आटो चालक
के कहने पर उठाया।
रेखा के आंसू अभी नहीं सूखे
लेडी लायल से
बच्चा उठाने की ये पहली घटना नहीं है। चार माह पहले मार्च में सोरों कटरा,
शाहगंज की रेखा भारद्वाज पत्नी संजय ने बच्ची को जन्म दिया था। वार्ड में
तीमारदार बनकर ठहरा एक व्यक्ति नवजात बच्ची को उठाकर ले गया था। आज तक उसका
पता नहीं चल सका है। बच्ची के माता-पिता को आस है कि एक दिन बेटी का पता
जरूर चलेगा। एसओ एमएम गेट ने बताया कि पकड़े गए लोगों का अपहृत बच्ची के
मामले से कोई संबंध नहीं निकला है।