दीवान सिंह गांव मझटीला, थाना खेड़ा राठौर और सचिन मिश्रा निवासी गांव सिंधावली, थाना बाह के रहने वाले हैं। दीवान सिंह ने ठगी की रकम से 500 गज में तीन मंजिला कोठी बनाई है। वहीं सचिन की भी कोठी है। गैंग में 24 से अधिक सदस्य हैं।
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पुलिस ने बताया कि सचिन और दीवान से पूछताछ में पता चला कि दोनों दिल्ली के गिरोह से साइबर अपराध सीखकर आए। इसके बाद इन्होंने ट्रेनिंग दी। अब गिरोह में मध्य प्रदेश के भी लोग शामिल हैं। इनमें अशोक निवासी ग्राम दडहेता, जैतपुर, नंदा, बृजेश, सुनील, खुशीलाल और सौबित फरार हैं।
रिश्तेदारों को भी सिखा दिया ठगी का खेल
दीवान सिंह ने अपने साले सुनील, बृजेश और नंदा उर्फ नंदकिशोर, अनिल, सचिन ने जीजा और अन्य रिश्तेदारों को ट्रेनिंग दी। रिश्तेदारों को फर्जी बैंक खाते खुलवाने, किराए पर एटीएम कार्ड लाने का काम दिया गया। ठगी की रकम जमा कराने के लिए बैंक ऑफ बड़ौदा, भिंड शाखा के खाते का प्रयोग किया जा रहा है। यह खाता गौरव नाम पर है। 30 हजार रुपये में खाता किराए पर लिया गया था।
सचिन, दीवान सिंह ने पुलिस को बताया कि उनके और अन्य सदस्यों के परिवार की महिलाओं को यूट्यूब से अंग्रेजी के कुछ शब्द बोलना सिखाया गया। पांचवीं, आठवीं पास ये महिलाएं अंग्रेजी के उतने ही शब्द बोलती हैं, जितने ठगी के लिए शिकार को फंसाने के काम आते हैं।
साइबर सेल रेंज के प्रभारी शैलेंद्र सिंह ने बताया कि अपराधियों के जो रिश्तेदार और परिवार की महिलाएं ट्रेनिंग लेकर उनका सहयोग कर रहे हैं, उन्हें भी आरोपी बनाया जाएगा, जिनके एटीएम कार्ड इस्तेमाल हुए, वे भी जेल जाएंगे।