सीसीटीवी और सर्विलांस की मदद के साथ रेलवे स्टेशन और आईएसबीटी और जिले की सीमाओं पर चेकिंग की गई। आईएसबीटी के सीसीटीवी कैमरे फुटेज से यह खुलासा हुआ कि आरोपी बस में सहारनपुर अथवा रुड़की की तरफ गए हैं।
हरिद्वार पुलिस की मदद से हुलिए और भाषा के आधार पर पांच संदिग्धाें को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। इनमें फारिस ममनून, अरविंद सी, अंसिफ, सुफेल मुख्तार और आफताब मोहम्मद (सभी निवासी केरल) शामिल हैं।
एसएसपी के मुताबिक अब्दुल शकूर ने केरल में मंजीरी, पांडीकर और मणपुरम में लोगों के करीब 485 करोड़ रुपये बिटक्वाइन में निवेश किए थे। इसके लिए अब्दुल ने एक कोर ग्रुप बना रखा था।
इसमें आशिक, रिहाब, आसिफ, अरशद और मुनीफ शामिल थे। इस कोर ग्रुप ने अपनी अलग-अलग टीमें बनाई थीं। आशिक की टीम में आफ ताब, अंसिफ, फ रासी, सुहेल और अरविंद शामिल थे। निवेश किया गया सारा पैसा कोर ग्रुप के माध्यम से एकत्रित होकर अब्दुल शकूर के पास आता था।
शकूर को बिटक्वाइन में घाटा हुआ तो वह आशिक, अरशद, मुनीफ और रिहाब के साथ केरल से भाग आया। पैसा निवेश करने वाले लोग शकूर के करीबी साथियों के माध्यम से उनका पीछा कर रहे थे। शकूर का कहना था कि उसका बिटक्वाइन अकाउंट हैक हो गया है। उसका दावा था कि वह अब अपनी क्रिप्टो करेंसी लांच कर रहा है। उसने सितंबर तक रकम वापस करने का भरोसा भी दिया था।
-फारिस ममनून निवासी सबना मंजिल, करुवंबरम जिला मंजीरी (केरल)
-अरविंद सी निवासी चेन्निक कठहोडी मंजीरी मल्लापुरम (केरल)
-अंसिफ निवासी पलाई पुथनकलइथिल मंजीरी करुवंबरम (केरल)
-सुफेल मुख्तार निवासी पुथईकलम पलपत्ता (केरल)
-आफताब मौहम्मद निवासी पलाई पुथनकलइथिल मंजीरी (केरल)
फरार आरोपी
-आशिक निवासी निल्लीपुरम मंजीरी मल्लपपुरम (केरल)
-अरशद निवासी वेंगरा मल्लपपुरमए (केरल)
-यासीन निवासी मल्लपपुरम मंजीरी (केरल)
-रिहाब निवासी वेंगरा मल्लपपुरम (केरल)
-मुनीफ निवासी मल्लपपुरम मंजीरी (केरल