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बीहड़ से अपहरण उद्योग चला रहा था रामदत्त

Sat, 12 Dec 2015 02:16 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा
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डकैत रामदत्त आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया। बड़े भाई शिवदत्त के एनकाउंटर में मारे जाने के बाद रामदत्त ने दस्यु गैंग की कमान संभाली थी। वह कई साल से राजस्थान, मध्य प्रदेश और बाह के बीहड़ों में रहकर अपहरण उद्योग चला रहा था। उसने अपने कैरियर फतेहाबाद, बाह, निबोहरा और डौकी तक में बना रखे थे। कैरियरों की मदद करने के लिए ही उसने करीब तीन माह पहले सेना भर्ती से लौट रहे निबोहरा के युवक की ताजगंज में आटो से खींचकर हत्या कर दी थी।
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एसएसपी डा. प्रीतिंदर सिंह ने बताया कि राजाखेड़ा के बसई डांग निवासी डकैत शिवदत्त का भाई बसई घियाराम थाना देहुली (धौलपुर) निवासी रामदत्त आगरा के साथ ही राजस्थान और मध्य प्रदेश की पुलिस के लिए भी सिरदर्द बना हुआ था। सात सितंबर को निबोहरा के गजेंद्र की हत्या में रामदत्त का नाम सामने आया था। उसने अपने साथियों की रंजिश के कारण गजेंद्र की हत्या कर दी।
इसके बाद उसने सदर के प्रापर्टी डीलर राजीव शर्मा का अपहरण करके 30 लाख रुपये फिरौती वसूल की थी। तब से पुलिस उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही थी। रामदत्त और उसके साथी देवा पर आगरा से 15-15 हजार रुपये, जबकि राजस्थान में 25-25 हजार रुपये का इनाम था। पुलिस ने गुरुवार रात डौकी के बीहड़ से रामदत्त, देवा और कलुआ यादव उर्फ देवेंद्र को गिरफ्तार कर लिया। एसएसपी ने बताया कि हाल में रामदत्त ने सदर के एक व्यवसायी की हत्या की सुपारी ली थी, वह रेकी कर रहा था।
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यह हुई बरामदगी
रामदत्त से थाना ताजगंज क्षेत्र में गार्ड से लूटी गई .315 बोर की रायफल और कारतूस, देवेंद्र से डबल बैरल बंदूक और कारतूस, कलुआ से एक तमंचा बरामद किया। लूट की अपाचे बाइक भी मिली।
प्रापर्टी डीलर से वसूले थे 30 लाख
रामदत्त और देवा ने पिछले दिनों डौकी क्षेत्र से 28 सितंबर को प्रापर्टी डीलर राजीव शर्मा का अपहरण किया था। इसके बाद 30 लाख रुपये फिरौती वसूलने के बाद छोड़ा था। इसके बाद पुलिस ने उसके गैंग के पांच सदस्यों को गिरफ्तार करके जेल भेजा था। फिरौती की रकम के दो लाख रुपये भी पुलिस ने बरामद किए हैं।
शहर के व्यवसाई साफ्ट टारगेट
पुलिस ने बताया कि रामदत्त का गैंग व्यवसायी और कारोबारी परिवार की निगरानी करता है। गैंग अपहरण करके पकड़ को बीहड़ में ले जाते हैं। इसके बाद मोटी रकम वसूल करते हैं। इसके अलावा रामदत्त का गैंग दहशत फैलाकर रंगदारी वसूल करता है। सुपारी लेकर हत्या और लूट की बड़ी वारदात को अंजाम देते हैं।
आपराधिक इतिहास
रामदत्त पर सदर, डौकी, निबोहरा सहित एटा और धौलपुर के थानों में अपहरण, हत्या, लूट, डकैती के 17 अधिक मुकदमे दर्ज हैं। देेवेंद्र उर्फ देवा पर भी दर्जनभर मुकदमे हैं।
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