थाना शमसाबाद में तैनात सिपाही की बुधवार शाम को गोली मारकर की गई थी हत्या
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शमसाबाद थाने पर तैनात एसओजी के सिपाही अजय यादव की हत्या के मामले में पुलिस खाली हाथ है। पुलिस ने मुखबिर को हिरासत में लेकर पूछताछ की, लेकिन उससे हत्या के राज नहीं उगलवा सकी। अधिकारियों ने हत्याकांड के खुलासे के लिए पांच टीम लगाई हैं। मृतक सिपाही और उसके साथी सिपाहियों के मोबाइल की काल डिटेल भी खंगाली जा रही है। सिपाही किन लोगों के संपर्क में था यह भी पता किया जा रहा है। मामला शासन तक पहुंच गया है। अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी गई है।
बता दें, सिपाही अजय यादव बुधवार शाम को कन्नू वाली माता के मेले से बाइक से लौट रहे थे। उनके साथ शमसाबाद के हुमायूंपुर का नरायन सिंह (मुखबिर) भी था। नरायन सिंह ने पूछताछ में बताया था कि रास्ते में एक पेट्रोल पंप के पास अपाचे सवार तीन लोगों ने ओवरटेेक किया था। अजय को उनके बदमाश होने का शक हुआ तो उन्होंने पीछा किया। आगे चलकर अपाचे थाना की गढ़ी बाईपास पर खड़ी मिली। एक युवक वहां मौजूद था जबकि उसके साथी लघुशंका को गए थे। सिपाही ने जाते ही बाइक पर पैर रख दिया। चाबी निकालकर युवक की तलाशी ली। तभी उसके साथी आ गए। उनकी सिपाही से बहस होनी लगी। तभी एक हमलावर ने तमंचा से सिपाही के सीने में गोली मार दी। नरायन सिंह के बयान ने सिपाही के मर्डर केस को उलझा दिया है। पुलिस ने मुखबिर को अभी छोड़ा नहीं है। सिपाही और उसके साथियों के मोबाइल की काल डिटेल खंगाली जा रही है। आईजी सुजीत पांडेय का कहना है कि हत्याकांड के खुलासे के लिए पुलिस की पांच टीमों को लगाया है। थाना शमसाबाद के एसआई एसएस सोलंकी ने तीन अज्ञात अपाचे सवार बदमाशों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
घटनास्थल पर खाली मैगजीन मिली
घटनास्थल से पुलिस ने मैगजीन बरामद की है। वह खाली थी। जेब से दस कारतूस भी मिले थे, जोकि निजी हैं। घटनास्थल से एक खोखा नाइन एमएम का मिला है। यह सिपाही की पिस्टल का भी हो सकता है। इससे आशंका जताई जा रही है कि सिपाही ने भी पिस्टल से फायर किया होगा, लेकिन गोली बदमाशों के नहीं लगी। अभी इसकी पुष्टि नहीं हो पा रही है।
मुखबिर लूट में जा चुका है जेल
मुखबिर नरायन सिंह थाना निबोहरा से लूट के मामले में जेल जा चुका है। वह शक के घेरेे में भी है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि नरायन सिंह ने विरोध नहीं किया। सिपाही जब बदमाशों से जूझ रहा था, तब उसे शोर मचाना चाहिए था। ऐसा करने से आसपास के लोग आ जाते। इस पर बदमाशों को पकड़ा जा सकता था। घटना स्थल के पास ढाबा, कई दुकान और ट्रांसपोर्ट कंपनी का आफिस है। नरायन सिंह पुलिस को बार-बार एक ही कहानी बता रहा है। हमलावरों की पहचान से संबंधित कुछ भी नहीं बता सका।
अधिकारियों ने किया कैंप
सिपाही की हत्या के बाद एसपी पूर्वी रमेश प्रसाद गुप्ता, सीओ फतेहाबाद अशोक कुमार सिंह थाना शमसाबाद में कैंप किए हुए हैं।