जैतपुर ब्लॉक के चौबेपुरा गांव के किसान विनोद बघेल (45) के आत्महत्या के
मामले में शुक्रवार को पावर ग्रिड के अफसर और एसडीएम ने किसानों के बयान
दर्ज किए। किसानों ने ठेकेदार और मजदूरों को विनोद की मौत का जिम्मेदार
ठहराया है। 15 मजदूर और ठेकेदार काम कर रहे थे। उन्हीं के सामने विनोद पोल
पर चढ़ा और फंदा डालकर आत्महत्या की। किसी ने नहीं रोका, उल्टा सभी भाग गए।
उन्होंने लाइन खींचे जाने के दौरान बुरी हाल फसलों को भी अफसरों को
दिखाया। इधर, लेखपाल दीपचंद के हाजिर न होने पर तहसीलदार इंद्र विक्रम सिंह
ने नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है।
बता दें, आगरा-ललितपुर के बीच खींची जा रही बिजली की लाइन विनोद के खेत के ऊपर से गुजारी जा रही है। इससे आलू की फसल बर्बाद हो गई। आरोप है कि कर्ज लेकर की फसल का ठेकेदार से मुआवजा मांगा तो उसने जेल भिजवाने की धमकी दी। शुक्रवार को पावर ग्रिड के मैनेजर आरसी भारद्वाज और एसडीएम उमाशंकर को किसानों ने बताया कि ठेकेदार ने पर्चियां तो दी हैं लेकिन मुआवजा नहीं दिया। अफसरों ने कहा कि अब किसानों की सहमति के बाद ही लाइन को खींचा जाएगा। ग्राम प्रधान और राजस्व विभाग की टीम समस्या का समाधान करेगी। उधर, इस मामले में रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है। थाना प्रभारी जैतपुर ने बताया कि परिवारवालों ने तहरीर नहीं दी है।
शिवचरन ने भी दी आत्महत्या की धमकी
बाह। चौबेपुरा के ही किसान शिवचरन को दो माह बाद भी मुआवजा नहीं मिला है। जांच टीम के सामने उसने आत्महत्या की धमकी दी है। एसडीएम ने सात दिन के अंदर सभी को मुआवजा देने के निर्देश पावर ग्रिड अफसरों को दिए हैं।
रामप्रकाश पर ट्रैैक्टर चढ़ाने की कोशिश की थी
बाह। किसान रामप्रकाश ने टीम को बताया कि फसल नुकसान के एवज में मुआवजा मांगा तो ठेकेदार ने ट्रैैक्टर को उन पर चढ़ाने की कोशिश की।
पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल
बाह। पोस्टमार्टम के बाद शुक्रवार शाम को विनोद की गमगीन माहौल में अंत्येष्टि कर दी गई। मृतक की मां बिट्टी देवी और पत्नी गंगाश्री का रो-रोकर बुरा हाल था। ग्राम प्रधान कंचन सिंह व अन्य ने परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की।