फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

किराएदार निकले कातिल, अपहरण के बाद किशोर के साथ बर्बरता

Fri, 30 Jun 2017 08:37 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सोरों (कासगंज)
विज्ञापन
अपहरण - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
तीर्थ नगरी से सोलह दिन पूर्व अगवा किए गए एक किशोर की अपहरणकर्ताओं ने हत्या करके शव दफना दिया था। अपहरणकर्ताओं ने किशोर के पिता से 40 लाख रुपये की फिरौती ने मिलने पर उसकी हत्या कर दी थी। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार करके क्षत-विक्षत शव बरामद कर लिया है।
विज्ञापन


कस्बा के मोहल्ला कटरा निवासी सिंचाई विभाग के रिटायर्ड अभियंता कुंवरपाल का पुत्र दिलीप (16) 14 जून को लापता हो गया था कुंवरपाल की दुकानों के किराएदार  युवक तनुज उर्फ तन्नु ठाकुर पुत्र संतोष राठौर, प्रीवन ठाकुर पुत्र यशपाल ने योजना के मुताबिक दिलीप को हरिपदी घूमने के बहाने बुलाया था। इस दौरान तनुज ने कस्बे के ही एक और युवक विकास शर्मा पुत्र राजीव शर्मा को भी बुला लिया। 

चारों एक ही बाइक पर बैठकर नदरई झाल का पुल देखने गए। वहां प्रवीन ठाकुर ने बरकुला निवासी सोनू यादव को बाइक लेकर बुला लिया। नदरई पुल से चारों अपहरणकर्ता दिलीप को बरकुला गांव लेकर पहुंचे। जहां उसको बंधक बनाकर रखा गया। जब दिलीप घर पर नहीं लौटा तो परिवार के लोग चिंतित हो उठे और मामले की सूचना पुलिस को दी। 15 जून को पुलिस ने मामला अपहरण में दर्ज कर लिया। मुकदमा दर्ज होने की जानकारी होने पर घबराए अपहरणकर्ताओं ने दिलीप की गला दबाकर हत्या कर दी। 
विज्ञापन


नगला काशी के जंगल में गढ्डा खोदकर उसका शव दफना दिया। किशोर की हत्या करने के बाद 16 जून को किशोर के परिवारीजनों से 40 लाख रुपये की फिरौती मांगी और कहा कि दुबारा फोन करके स्थान बताया जाएगा। लेकिन इसके बाद फोन बंद हो गया। इसकी जानकारी परिवारीजनों ने पुलिस को दी।

पुलिस और सर्विलांस टीम मामले की जांच पड़ताल में जुटी थी। पुलिस ने तीन अपरहरणकर्ता तनुज, प्रवीन ठाकुर एवं विकास शर्मा को गिरफ्तार कर लिया। जबकि एक आरोपी सोनू यादव फरार है। आरोपियों की निशानदेही पर नगला काशी से जेसीबी से खुदाई करके क्षत विक्षत शव बरामद किया। इसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। 
विज्ञापन

हत्या के बाद मांगी फिरौती

कत्ल
दिलीप के अपहरण का ताना बाना किसी बड़े गैंग ने नहीं बुना। वरन् यह योजना किशोर के परिजनों के करीबियों ने ही तैयार की थी। प्रकरण में किराएदार व उसके साथियों के नाम प्रकाश में आने पर न केवल परिवार के लोग वरन समूचा कस्बा भी आश्चर्यचकित है। मामले में शामिल रहे भेदिए परिवार के साथ रहकर ही अपहरणकर्ताओं को सूचनाएं दे रहे थे।

14 जून को दिलीप का अपहरण उसके किराएदारों ने फिरौती के लिए किया था।अपहरण के दिन से ही परिजनों की हर गतिविधियां अपहरणकर्ताओं तक पहुंच रही थीं। क्योंकि इसमें किराएदार ही शामिल थे। 15 को मुकदमा दर्ज होने की जानकारी मिलते ही किशोर की हत्या कर दी गई। इसके बाद उसका शव नगला काशी में जमीन में गाढ़ दिया। 

फिर 16 जून को अपहरणकर्ताओं ने परिजनों से 40 लाख रुपए की फिरौती मांगी थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार में से तीन आरोपियों को पकड़ लिया। शव मिलने के बाद पिता कुंवर पाल, मां विद्या देवी और अन्य भाई बहनों का बुरा हाल था। पूरे परिवार में कोहराम मचा हुआ था। शुक्रवार को माता-पिता और सभी परिवारीजन आस्तीन के सांप बने हत्यारों को फांसी देने की मांग कर रहे थे। 

मामले में सीओ कासगंज शैलेंद्र लाल ने बताया कि पुलिस पूरे मामले की सघनता से जांच कर रही है। पकडे़ गए लोगों के साथ अन्य लोग भी इसमें शामिल रहे हैं। जो अपहरणकर्ताओं को गतिविधियां लीक कर रहे थे। दिलीप की हत्या फिरौती मांगने से एक दिन पहले ही हो चुकी थी। इस पूरे प्रकरण में अपहरणकर्ताओं के साथ और कौन शामिल था। इसकी जांच की जा रही है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें