दयालबाग स्थित निराला नगर में आरईआई इंटर कालेज के शिक्षक लोकेंद्र सिंह के घर में घुसकर जेवरात लूटने के मामले में गिरफ्तार आरोपी 11वीं के छात्र को शनिवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह क्रिकेट खेलने का शौकीन है। स्कूल में उसके साथियों के पास महंगी किट है। उसके पिता ने उसे कई बार क्रिकेट बैट दिलाया। अच्छी क्वालिटी का न होने के कारण हर बार बैट टूट जाता था। हाल ही में दो बार बैट टूट गया था। उसने पिता से फिर से बैट दिलाने को कहा था, लेकिन पिता ने मना कर दिया। तब से वह परेशान था।
नई किट भी खरीदना चाहता था। किट 15 हजार तक की थी। रुपयों का इंतजाम नहीं था। तीन महीने पहले पड़ोस के लोकेंद्र सिंह का बेटा ट्रेनिंग पर चला गया। लोकेंद्र की पत्नी ऊषा घर पर अकेली रहती थी।
तब उसने लूट का प्लान बनाया। शुक्रवार दोपहर को ऊषा के बाथरूम में जाते ही घर में घुस गया। मगर, उसे अंदाजा नहीं था कि ऊषा बाथरूम से जल्दी निकल आएंगी। चेहरे से रुमाल हटने पर उनकी जान लेने पर आमादा हो गया था।
रात भर पुलिस को किया गुमराह
- फोटो : Demo Pic
पुलिस पूछताछ में छात्र बताया कि लायर्स कालोनी के युवक पंकज ने 1500 रुपये देने का लालच देकर लूट को कहा था। वही घर से जेवरात ले गया है। वह कोचिंग में पढ़ता है। पुलिस कोचिंग पहुंची, मगर, वहां पंकज नाम का कोई छात्र नहीं था। पुलिस ने फिर पूछताछ की। तब बताया कि पंकज एक हेयर कटिंग की दुकान पर काम करता है। पुलिस वहां पहुंच गई। दुकान पर भी पंकज के बारे में कोई जानकारी नहीं हुई।
बेटे की हरकत से शर्म से झुका सिर
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बेटे की हरकत से मां-बाप का सिर शर्म से झुका हुआ है। वह घर से भी बाहर नहीं निकल रहे हैं। वह बेटे से मिलने भी नहीं पहुंचे। उसकी मां ने अपने भाई को थाने पर भेजा। किशोर ने लूट के विरोध पर ऊषा की जान लेने का प्रयास किया था। रात में उनकी हालत बिगड़ गई। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। लोकेंद्र का कहना है कि घर से पांच लाख के जेवरात लूटे गए हैं। वह अब तक आरोपी से पुलिस बरामद नहीं कर सकी है।