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तो कुछ और था कातिलों का मकसद

Tue, 17 Nov 2015 01:00 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा
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खंदारी के हनुमान चौराहा पर शनिवार की रात चमड़ा कारोबारी अशोक ग्रोवर और उनकी पत्नी ऊषा की बेरहमी से हत्या कर दिए जाने के बाद घर में की गई लूट के मामले में पुलिस को अभी तक  सुराग नहीं मिल पाया है। पड़ताल से ऐसा लग रहा है कि वारदात का मकसद लूट के अलावा कुछ और हो सकता है। हालांकि लूट की लाइन अभी खारिज नहीं की गई है, लेकिन इसमें बहुत दम नजर नहीं आ रहा है।
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वजह यह है कि बदमाश जितना सामान लूटकर ले गए हैं, उससे ज्यादा घर में ही छोड़ गए हैं। लूट सिर्फ एक कमरे में की गई, बाकी जगहों को छुआ तक नहीं गया। पुलिस का मानना है कि  अगर बदमाश लूट के इरादे से आते तो कम से कम अलमारी खोलने का सामान लेकर आते। उन्होंने लोहे की अलमारी खोलने के लिए घर से ही कई चाबियां लेकर लॉक में लगाईं, लेकिन इसमें कामयाबी नहीं मिली।
इसके अलावा ऊषा ग्रोवर के कंगन, अंगूठी और चेन न लूटे जाना भी पुलिस को हैरान कर रहा है। बदमाशों ने जिस तरह लूटपाट के दौरान बेडरूम और लकड़ी की अलमारी से फाइलें निकालकर खंगालीं, उससे लग रहा है कि उनका इरादा कुछ और था। पुलिस के लिए यह मालूम करना भी चुनौती है कि लूट वास्तव में हुई या फिर पुलिस को गुमराह करने के लिए ऐसा किया गया। हालांकि तस्वीर तभी साफ होगी जब बदमाशों का कुछ पता चलेगा।
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सर्विलांस से सुराग की उम्मीद
पुलिस को कातिलों तक पहुंचने के लिए अब सर्विलांस का ही सहारा लग रहा है। शक के घेरे में आए मजदूरों और ठेकेदारों के मोबाइल की लोकेशन मालूम की जा रही है। मृतक दंपति के फोन भी गायब हैं। इनकी लोकेशन भी ट्रेस की जा रही है। घर के पास लगे सीसीटीवी से फुटेज मिलने की उम्मीद थी लेकिन जानकारी पर पता चला कि इसमें रिकार्डिंग सिस्टम नहीं लगा है।
10:30 से 12 बजे के बीच हुई हत्या
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दोनों की हत्या का समय रात आठ से 12 बजे बताया गया है। 10:30 बजे तक घर के बाहरी हिस्से में बनी दर्जी की दुकान खुली थी। इसके ठीक पीछे गेट के पास दोनों की हत्या की गई। माना जा रहा है कि वारदात 10:30 बजे के बाद हुई होगी। अगर इससे पहले होती तो दुकानदार को शोर जरूर सुनाई देता।
जहां फावड़ा रखा था, वहीं की हत्या
पुलिस की पड़ताल में यह तथ्य भी सामने आया है कि जिस जगह पर ग्रोवर दंपति की हत्या की गई, फावड़ा पहले से वहीं रखा था। बदमाशों ने दोनों को मेन गेट के पास मारा। फावड़ा इससे सटे लॉन में रखा था। दोनों के सिर पर भारी वस्तु मारने की चोट है। यहीं पर ईंट और पत्थर भी रखे हैं। अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या हत्या का इरादा अचानक से बना?
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सवाल - 1
अगर बदमाशों को लूट करनी होती तो क्या लोहे की अलमारी खोलने का कोई सामान साथ नहीं लाते?
सवाल - 2
घर में रखे कई जेवरात सुरक्षित मिले हैं। अगर मकसद लूट होता तो इन्हें क्यों छोड़ जाते?
सवाल - 3
ऊषा ग्रोवर की चेन, कड़े और अंगूठी क्यों छोड़ गए बदमाश ?
सवाल - 4
अवनीश ग्रोवर के बेडरूम के अलावा किसी और कमरे में क्यों नहीं गए बदमाश?

मर्डर मिस्ट्री : दूसरा दिन
मजदूरों से पूछताछ
घर में निर्माण कार्य करने वाले छह मजदूरों और उनके ठेकेदार से पुलिस की 16 टीमों ने पूछताछ की है लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
सफाईकर्मी हिरासत में
घर के पास में सफाई का काम करने वाले एक कर्मचारी को भी पुलिस ने पूछताछ केलिए हिरासत में लिया है। चौकीदार से भी सवाल किए जा रहे हैं।
दुकानदारों के बयान
घर के बाहरी हिस्से में पांच दुकानें हैं। इन सभी दुकानदारों से पुलिस ने पूछा है कि उन्होंने किसी को घर केअंदर जाते हुए तो नहीं देखा था?
कहां से खरीदा टेप
जिस टेप से ग्रोवर दंपति के मुंह और पैर बांधे गए, पुलिस की एक टीम उसका फोटो लेकर कई दुकानों पर गई। मालूम किया जा रहा है कि यह कहां से खरीदा गया?
बदमाश कैश और जेवरात लूटकर ले गए हैं। वारदात का मकसद लूट ही रहा। इसीलिए बदमाश अपने साथ टेप लेकर आए थे
- गिरीश ग्रोवर ( मृतक दंपति के पुत्र)
लूट समेत कई बिंदुओं पर पड़ताल चल रही है, अभी कोई सटीक जानकारी नहीं मिली है, लेकिन जल्द ही सुराग मिलने की उम्मीद है।
- अशोक कुमार सिंह ( सीओ, हरिपर्वत)
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