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छह महीने बाद फिर से  जीरो पर पहुंच गई पुलिस

Sat, 28 May 2016 01:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो आगरा
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पुलिस की बावरिया की थ्योरी भी पूरी तरह फेल हो गई - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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ग्रोवर दंपति हत्याकांड में पुलिस की जांच फिर से जीरो पर पहुंच गई है। बड़ी मुश्किल से बावरिया गैंग पर शक  की सुई रुकी थी लेकिन बात बन नहीं पाई। जो मुखबिर बावरिया बदमाशों का हाथ होने की आशंका जाहिर कर रहे थे, उन्होंने राजस्थान के चिकसाना क्षेत्र से तमाम जानकारी करने के बाद हाथ खड़े कर दिए। उन्होंने बताया कि 15 नवंबर, 2015 की रात यहां से कोई गैंग आगरा नहीं गया था। इसी रात को खंदारी में ग्रोवर दंपति की हत्या की गई थी। नतीजा यह है कि पुलिस हाथ पर हाथ धरकर बैठ गई है। कहीं से कोई उम्मीद नहीं दिख रही कि केस कभी खुल पाएगा। 
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आगरा पुलिस के क्राइम डिटेक्शन एक्सपर्ट से लेकर डीजीपी आफिस की क्राइम ब्रांच के स्पेशलिस्ट तक जोर लगा चुके हैं। इसके बावजूद कोई सुराग तक नहीं मिल पाया। यह घटना आगरा पुलिस के लिए सबसे बड़ी नाकामी बनती जा रही है। ग्रोवर दंपति की हत्या शहर के बीचोबीच पाश कालोनी खंदारी में की गई थी। इसके खुलासे में सर्विलांस सेल, फॉरेंसिक एक्सपर्ट सब हार मान चुके हैं।

आज डीआईजी के सामने होगी फाइल
आगरा। डीआईजी अजय मोहन शर्मा शनिवार शाम चार बजे आगरा जनपद की अपराध समीक्षा बैठक करेंगे। इसमें ग्रोवर दंपति हत्याकांड का खुलासा न होने का मुद्दा भी रहेगा। इसके अलावा एमवी एक्ट के चालान पर समीक्षा होगी। रमजान की तैयारियां पर चर्चा की जाएगी।
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नाकामियों का बढ़ता बोझ
- फतेहपुर सीकरी के दोहरे हत्याकांड में भी कोई सुराग नहीं लगा पा रही है पुलिस। इसे चार महीने हो गए।
- बिट्टू अपहरण कांड पहेली बनकर रह गया है। अभी तक कोई लाइन नहीं। इसे पांच महीने हो गए।
- यमुना पार चोरों ने कहर बरपा रखा है, बंद मकानों को बना रहे निशाना।
- चेन स्नेचर के दस गिरोह सक्रिय, पुलिस अभी तक एक ही पकड़ पाई।
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