फतेहपुर सीकरी के सीकरी हिस्सा दो (लाल दरवाजा) स्थित कब्रिस्तान में शुक्रवार को दफनायी गई महिला की लाश के साथ दुष्कर्म का प्रयास कस्बे के ही राजेंद्र दीक्षित (40) ने किया था। लाश के पास मिली पैंट से उसका सुराग मिला। उसे शनिवार रात गिरफ्तार कर लिया। उससे पूछताछ में पता चला कि उसने शराब और गांजे के नशे में ही यह वारदात अकेले अंजाम दी। वह महिला के जीवित रहते भी उसका पीछा करता था। उसकी लाश दफनाए जाते समय ही उसने यह प्लान बना लिया था।
स्वर्गीय बाबूलाल के पांच बेटों में दूसरे नंबर का राजेंद्र उर्फ रेंडा अविवाहित है। उसने कब्रिस्तान के ठीक बराबर में ढाई बीघा खेत बटाई पर ले रखा है और यहीं पर झोंपड़ी में रहता है। शनिवार सुबह 45 वर्षीय महिला की कब्र खोदी हुई मिली। लाश के साथ दुष्कर्म की आशंका जताई गई।
कब्र में लाश के पास ही पैंट और शराब की खाली शीशी पड़ी थी। पैंट देखकर कई लोगों ने रेंडा पर शक जताया। वह शुक्रवार को यही पैंट पहने था। इसी आधार पर पुलिस ने उसे शाम को नाई की दुकान से हिरासत में लेकर पूछताछ की। देर रात उसने कुबूल कर लिया कि यह घिनौनी करतूत उसी की थी। उससे पूछताछ के आधार पर पुलिस ने बताया कि उसने शुक्रवार (एक जनवरी) रात को जमकर शराब और गांजा पीने के बाद साढ़े दस बजे अकेले ही कब्र खोदी और उसमें उतर गया। उसने लाश के साथ छेड़छाड़ की लेकिन दुष्कर्म नहीं कर पाया। नशा कम होने ग्लानि हुई तो भागने की जल्दी में पैंट वहीं भूल गया।
थाना प्रभारी ने बताया कि उसे रविवार शाम कोर्ट में पेश किया गया जहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। उधर, दुष्कर्म की आशंका के चलते बनाई गई स्लाइड के मेडिकल परीक्षण की रिपोर्ट अभी नहीं मिल पाई है। बता दें, उलमा के मश्विरे के बाद लाश पुन: कब्र में दफना दी गई थी।
‘मैं कुछ देर के लिए हैवान बन गया’
आगरा। ‘मैंने पहले सात बजे अंग्रेजी शराब का क्वार्टर पीया, फिर गांजे की चिलम ली। इसके बाद रात को 10 बजे एक केबाद एक देसी के दो क्वार्टर पीए। मेरे सिर पर शैतान सवार हो गया और सीधा कब्र पर पहुंच गया। अब बहुत ग्लानि हो रही है लेकिन उस वक्त मेरे सिर पर हैवान सवार हो गया था।’ यह इकबाल ए जुर्म है कब्र खोदकर लाश के साथ दुष्कर्म का प्रयास करने के आरोपी राजेंद्र दीक्षित उर्फ रेंडा का। उसने पुलिस को बताया कि उसने कब्र हाथों से ही खोद डाली। लाश के ऊपर बैठकर ही एक बीड़ी पी और काफी देर तक उसके साथ छेड़छाड़ करता रहा।
पुलिस ने बताया कि उसे इसका जरा भी अहसास नहीं था कि वह इतनी जल्दी पकड़ा जाएगा। उसे किसी ने देखा तक नहीं था। लाश के पास छूटी पैंट ने पुलिस को उस तक पहुंचा दिया।
उसने पुलिस को बताया कि वह कब्रिस्तान के पास ही रहता है, इसलिए उसे रात को यहां जाने में डर नहीं लगा। उसे अपने गुनाह का अहसास तब हुआ जब नशा उतरा।
अब मेरी जिंदगी जेल में कटेगी
रेंडा ने कोर्ट में पेश होने के लिए जाते समय मीडिया से कहा कि उसने इतना गंदा काम किया है कि कोई जमानत नहीं कराएगा। उसकी पूरी जिंदगी जेल में कटेगी। नशे की लत के चलते ही परिवार पहले ही उससे नाता तोड़ चुका है।
बीड़ी का टुकड़ा भी बना सुबूत
लाश के पास शराब की शीशी के अलावा बीड़ी का टुकड़ा (ठूंठ) भी मिला था। इसमें लाल रंग का धागा था। पुलिस ने रेंडा को हिरासत में लेने के बाद उसकी जेब से बीड़ी लेकर देखी तो इसमें भी लाल रंग का धागा दिखा। उससे एक पीड़ी पीने के लिए कहा गया। उसने उतनी ही छोड़ी जितनी कब्र में मिली थी। इसे भी पुलिस ने साक्ष्य बनाया है।
ऐसे लोग नेक्रोफीलिया नामक मानसिक बीमारी से पीड़ित होते हैं। ऐसे मरीज सामान्य रूप से शारीरिक संबंध बनाने में असहज रहते हैं। अपने कुंठित भावों को शांत करने के लिए मृत शरीर के साथ दुष्कर्म का प्रयास करते हैं। समय रहते इनका इलाज होने पर ठीक होने की संभावना रहती है।
- डा. दिनेश राठौर, मनोचिकित्सक। मानसिक स्वास्थ्य संस्थान एवं चिकित्सालय
सीकरीवासियों ने दिया सद्भाव का संदेश
फतेहपुरसीकरी। सीकरीवासियों ने एक बार फिर सद्भाव का संदेश दिया है। कब्र में महिला के शव से दुष्कर्म का प्रयास मामले में एक बार तनाव के हालात बन रहे थे। लोगों में भारी गुस्सा था। यह देख सुलहकुल नगरी की मिसाल कायम रखने केलिए बुजुर्ग आगे आए। उन्होंने पुलिस प्रशासन से कहा कि आरोपी से पूछताछ सबके सामने की जाए ताकि तरह तरह की चर्चाओं पर विराम लगे। एक चर्चा यह थी कि शव के साथ तांत्रिक क्रिया की गई है। पुलिस ने चेयरमैन मोहम्मद इस्लाम, पूर्व चेयरमैन हाजी बदरूद्दीन कुरैशी, सपा नेता रमजान उस्मानी, हाजी आजाद खां, वार्ड सभासद प्रेमपाल और आरोपी के परिवारीजनों को बुलाकर उनके सामने पूछताछ की। उसने सबके सामने जुर्म कुबूला। इसके बाद सभी लोग शांति के साथ घर चले गए। आरोपी के परिवार ने उसकी हिमायत में एक शब्द तक नहीं बोला। पीड़ितों ने कहा कि केस सही खुला है, वे संतुष्ट हैं।
दो धाराओं में केस
आगरा। उसकी गिरफ्तारी दो धाराओं में की गई है। लाश के साथ छेड़छाड़ ( धारा 297) और धार्मिक भावनाएं आहत करने वाला कृत्य करना ( धारा 295)।