फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शैलेंद्र अग्रवाल केसः सरकार का सीबीआई जांच से इंकार

Fri, 18 Sep 2015 02:03 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला आगरा।
विज्ञापन
विज्ञापन
हाईप्रोफाइल जालसाज शैलेंद्र अग्रवाल केस में पूर्व डीजीपी एएल बनर्जी और एसी शर्मा की भूमिका की सीबीआई जांच कराने से शुरू से बच रही प्रदेश सरकार ने उच्च न्यायालय में हलफनामा दायर कर अपना यही नजरिया पेश किया है। इसमें सीबीआई जांच की जरूरत से इंकार किया गया है।
विज्ञापन

प्रमुख सचिव गृह देवाशीष पांडा ने हलफनामे में कहा है कि  उन्होंने 12 अगस्त को डीजीपी को पत्र लिखकर लंबित मुकदमों की समयबद्ध विवेचना के आदेश दिए हैं। उन्होंने उच्च न्यायालय को यह भी जानकारी दी है कि शैलेंद्र के खिलाफ पहला केस आगरा के ताजगंज थाना में एक मई को दर्ज हुआ था। इसके बाद 34 और मुकदमे लिखवाए गए। इनमें से 11 में चार्जशीट हो चुकी है। बाकी 23 में जांच चल रही है। जांच में एसएसपी की 11 सदस्यीय स्पेशल टीम लगी है।
गौरतलब है कि इस मामले में सीबीआई जांच कराने के लिए याचिका सेंटर फोर सिविल लिबर्टीज की अधिवक्ता डाक्टर नूतन ठाकुर ने दायर की थी।
नूतन ठाकुर ने दुर्भाग्यपूर्ण कहा
नूतन ठाकुर ने ई-मेल के माध्यम से भेजी अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि दोनों पूर्व डीजीपी के खिलाफ साक्ष्य सामने आने के बाद भी प्रशासनिक तंत्र द्वारा इनकी भूमिका की जांच कराए जाने के बजाय इन्हें बचाने का प्रयास करना दुर्भाग्यपूर्ण है।
विज्ञापन

एसएमएस पर चुप है सरकार
सरकार की ओर से बार बार दिए जा रहे हलफनामों में शैलेंद्र के खिलाफ  दर्ज मामलों की विवेचना का ब्योरा तो दिया जा रहा है, लेकिन उन एसएमएस का जिक्र तक नहीं किया जा रहा जिनमें उसकी अफसरों के साथ बातचीत का रिकार्ड है। पुलिस ने ये एसएमएस सीबीआई की टेक्निकल विंग से डिकोड कराए थे। इसके बावजूद न तो इन्हें विवेचना में शामिल किया गया है और न ही किसी भी स्तर पर कोर्ट के सामने रखा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें