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छात्रों ने काटा बवाल, हंगामा और तोड़फोड़

Fri, 18 Sep 2015 01:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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नैनी(ब्यूरो)। नैनी के सैम हिग्गिनबॉटम इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चर, टेकभनोलॉजी एंड साइंसेज (शियाट्स) में वाटर रिसोर्स की डिग्री को लेकर चल रहा छात्रों का बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। बृहस्पतिवार को छात्रों के आंदोलन ने उग्र रूप धारण कर लिया। आक्रोशित छात्रों ने कॉलेज परिसर में जमकर बवाल काटा और तोड़फोड़ की। बवाल की सूचना पर कई थानों की पुलिस आ गई। इसके बाद छात्रों ने पथराव कर दिया। पुलिस ने लाठीचार्ज कर छात्रों को खदेड़ दिया। परिसर से खदेड़े गए छात्र नए पुल पर पहुंच गए और इलाहाबाद-रीवा राजमार्ग पर चक्काजाम कर दिया। किसी तरह पुलिस ने जाम खुलवाया। शाम को वीसी ने छात्रों को बातचीत के लिए बुलाया। बवाल को देखते हुए कॉलेज प्रशासन ने 15 दिन की छुट्टी कर दी है।
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शियाट्स में वाटर रिसोर्स की डिग्री को लेकर छात्र कई दिन हंगामा कर रहे हैं। छात्रों का आरोप है कि डिग्री को मान्यता नहीं है। वहीं कॉलेज प्रशासन ने बुधवार को छात्रों को आश्वासन दिया था कि वाटर रिसोर्स की डिग्री को बीटेक एजी से संबद्ध कर दिया जाएगा। इस बात की खबर होने पर बीटेक एजी के छात्र भड़क गए। छात्रों ने कहा कि पहले इस ब्रांच में छात्रों की संख्या अधिक है। ऐसे में उन्हें कहां से शामिल किया जा सकता है।

वाटर रिसोर्स के छात्रों के साथ बीटेक एजी के छात्र भी आंदोलन में कूद पड़े। सुबह सैकड़ों की संख्या में छात्र और छात्राएं वीसी कार्यालय के सामने हंगामा और नारेबाजी करते हुए पहुंच गए। बवाल बढ़ता देख कई थानों की फोर्स के साथ एसपी यमुनापार आशुतोष मिश्र और एसडीएम करछना सत्य प्रकाश श्रीवास्तव आ गए। पुलिस ने छात्रों को समझाने का प्रयास किया लेकिन बात नहीं बनी। बातचीत के दौरान छात्र उग्र हो गए। छात्रों ने परिसर में पथराव और तोड़फोड़ शुरू कर दिया। बवाल बढ़ता देख पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया।
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पुलिस का कहना था कि स्थानीय लोग भी छात्रों की आड़ में बवाल को हवा दे रहे हैं। इसके चलते पुलिस ने बाहर गुमटियों और ढाबों में बैठे दुकानदारों को भी खदेड़ दिया। क ॉलेज में लाठीचार्ज के बाद भागे छात्रों ने नए यमुना पुल  (इलाहाबाद-रीवा मार्ग) पर चक्काजाम कर दिया। चक्काजाम की सूचना पर पहुंची पुलिस ने छात्रों से जाम खुलवाने का अनुरोध किया लेकिन बात नहीं बनी तो पुलिस ने खदेड़ दिया। घंटों चले हंगामे और बवाल के बाद मामला कुछ संभला तो वीसी आर. बी. लाल ने छात्रों को मिलने के लिए बुलाया। फिलहाल बवाल के चलते कॉलेज 15 दिन के लिए बंद कर दिया गया है।
 
शियाट्स के कुलसचिव प्रो. रॉबिन लाल प्रसाद का कहना है कि बृहस्पतिवार को कॉलेज में हुई तोड़फोड़ बाहरी अराजकतत्वों ने छात्रों को भ्रमित कर कराई है। जिसके चलते कॉलेज में शिक्षण कार्य बाधित हुआ और कॉलेज की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया। कुलसचिव ने कहा कि आईसीएआर की ओर से वाटर रिसोर्स इंजीनियरिंग की डिग्री को प्रत्यायन प्रदान किया गया है लेकिन बुधवार को छात्र-छात्रों के अनुरोध पर फेकेल्टी बोर्ड की आपातकालीन बैठक हुई। बैठक में निर्णय लिया गया कि वाटर रिसोर्स इंजीनियरिंग की डिग्री बीटेक एजी के स्पेशलाइज्ड क्षेत्र के अन्तर्गत आती है।

इसलिए छात्र-छात्राओं को यह अवसर दिया जाए कि वे चाहें तो डिफीसियेन्सी कोर्स, जो कि एकेडमिक बोर्ड द्वारा निर्धारित किया जाएगा, को पूर्ण करके उन्हें बीटेक एग्रीकल्चरल इंजीनियरिंग की डिग्री दी जाए। फेकेल्टी बोर्ड के इस संस्तुति को कुलपति ने अनुमोदित किया। जिससे की बीटेक वाटर रिसोर्स इंजीनियरिंग के समस्त छात्र-छात्राओं को बीटेक एग्रीकल्चरल इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त करने का अवसर मिल सके। उन्होंने छात्र-छात्राओं से अनुरोध किया कि उन्हें किसी प्रकार की समस्या अथवा भ्रम है तो संबंधित विभागाध्यक्ष एवं डीन से मिलकर लिखित रूप से समस्या दें। कुलसचिव ने कहा कि विश्वविद्यालय, कर्मचारियों एवं छात्र-छात्राओं के जान-माल की सुरक्षा के लिए विश्वविद्यालय को 15 दिन के लिए बंद कर दिया गया है।
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