एटा के एक वित्तविहीन कॉलेज के प्रबंधक पर कालेज की शिक्षिका ने प्रधानाचार्य बनाने का झांसा देकर यौन शोषण करने का आरोप लगाया है। शिक्षिका जब गर्भवती हो गई तो गर्भपात के लिए दबाव बनाया। पीड़िता का कहना है कि उसने मामले की शिकायत पुलिस से की लेकिन वहां कोई सुनवाई नहीं हुई। हारकार उसने महिला आयोग की शरण ली है।
बताया गया है कि मैनपुरी नगर के एक मोहल्ले की रहने वाली युवती बीएड करने के बाद तीन साल से एटा जिले के एक वित्तविहीन कालेज में पढ़ाने जाती है। कालजे का प्रबंधक भी मैनपुरी रहने वाला है। दोनों साथ ही विद्यालय जाते थे। शिक्षिका का आरोप है कि कॉलेज के प्रधानाचार्य के सेवानिवृत्त होने पर प्रबंध ने उसे प्रधानाचार्य बनाने का झांसा दिया और इस बहाने ही उसका यौन शोषण करता रहा।
जब वह गर्भवती हो गई तो उसने गर्भपात कराने के लिए दबाव बनाया। मना करने पर धमकाया। यह बात उसने अपनी मां को बताई तो उन्होंने फरवरी माह में उसका गर्भपात करा दिया और प्रबंधक से मामले की शिकायत की। इस पर प्रबंधक ने उन्हें सबक सिखाने की धमकी दी।
पीड़िता का कहना है कि उसने थाने में शिकायत की लेकिन पुलिस ने सुनवाई नहीं की। इसके बाद महिला आयोग में शिकायत की। अब महिला आयोग ने पत्र भेजकर शिक्षिका को दो सप्ताह के अंदर मामले से संबंधित साक्ष्य उपलब्ध कराने को कहा है। इधर महिला आयोग से शिकायत की बात जब प्रबंधक को पता चली तो वह शिकायत वापस लेने के लिए दबाव बना रहा है।
प्रबंधक का कहना है कि अगर शिकायत वापस नहीं ली तो पूरे परिवार को ठिकाने लगा देगा। इससे शिक्षिका के परिवारीजन दहशत में हैं। उन्होंने शिक्षिका का घर से बाहर निकलना तक बंद करा दिया है। शिक्षिका ने प्रबंधक पर सत्र 2016-17 का पूरा वेतन न देने का आरोप भी लगाया है।