आगरा के थाना सिकंदरा क्षेत्र के गांव सींगना में रविवार सुबह पुलिस ने ऊंटों को तस्करी करके हरियाणा के नुहू मेवात ले जा रहे गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। सरगना मुवीन फरार हो गया। उसकी तलाश की जा रही है।
एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद ने बताया कि पुलिस को सींगना के जंगल में ऊंटों की तस्करी करने वाले गिरोह के डेरा डालने की जानकारी मिली थी। इस पर रविवार सुबह फोर्स भेजा गया। गांव में गिरोह के सदस्य हाइड्रा की मदद से कंटेनर में ऊंटों को लाद रहे थे। पुलिस ने घेराबंदी करके सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि वे आगरा, अलीगढ़ और मथुरा से ऊंटों की तस्करी करते हैं। राजस्थान के गांवों से भी इन ऊंट को आठ से दस हजार रुपये में खरीदते हैं। इसके बाद कंटेनर से नुहू मेवात लेकर जाते हैं।
यहां पर कट्टीखानों में इनको चार गुना अधिक दाम में खरीद लिया जाता है। गिरोह का सरगना बागपत का मुवीन है। आरोपियों से 12 जीवित ऊंट मुक्त कराये गए। सभी ऊंटों को पीएफए संस्था के सुपुर्द किया है। एक ऊंट की मौत हो गई। उसके शव का पोस्टमार्टम कराया गया।
कट्टीखाने में होती है बिक्री
एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद के मुताबिक, नुहू मेवात में कई कट्टीखाने हैं। इनमें ऊंटों की बिक्री की जानकारी मिली है। ऊंटों की खाल का भी प्रयोग किया जाता है। अब सरगना मुवीन की गिरफ्तारी के लिए टीम को लगाया गया है। गिरोह को पकड़ने वाली टीम में थाना सिकंदरा के प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार, एसआई मोहित कुमार, केशव शांडिल्य, हरीश कुमार आदि थे।
इनकी हुई गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपियों में हाथरस के सादाबाद स्थित नगला केहरि निवासी दिनेश, सादाबद के गांव भगीना निवासी बंटू उर्फ विनोद, सादाबाद के बघेना निवासी कृष्णा, नुहू मेवात के थाना फिरोजपुर स्थित गांव गुर्जर का नगला निवासी अख्तर, नुहू मेवात निवासी वाजिद, बागपत के थाना अमी नगर स्थित गांव बिल्लोचपुरा निवासी राशिद और मथुरा के पौड़ी रायपुरा जाट निवासी धर्मेंद्र हैं।