जालसाज शैलेंद्र अग्रवाल को न केवल जेल में ऐश-ओ-आराम मिल रहा है, बल्कि
पेशी के दौरान भी उसकी पूरी खातिरदारी की जा रही है। इसका एक और नमूना
सोमवार को उसकी पेशी के दौरान कचहरी में दिखाई दिया। उसकी अभिरक्षा में लगे
पुलिसवालों ने उसे बाकी बंदियों के साथ हवालात में नहीं, बल्कि बाहर पेड़
की छांव में बैठाया। वो भी जमीन पर नहीं, कुर्सी पर। उससे मिलने वालों को
बेरोकटोक आने दिया गया। उसने कोर्ट में अर्जी देने के लिए कागज मांगा तो
सिपाही भागकर पेन भी साथ में लेकर आया।
पुलिस सूत्रों का तो यहां तक
कहना है कि पेशी के दौरान पुलिसवाले उसे अपने मोबाइल फोन से बात भी कराते
हैं। इसके लिए हवालात के बाहर सिपाही उसके चारों ओर घेरा बनाकर खड़े हो
जाते हैं, ताकि वह नजर न आए। इसके बाद वह आराम से कुर्सी पर बैठकर फोन पर
बात करता है।
सोमवार दोपहर जैसे ही वह कचहरी पहुंचा, उसे हवालात के पास
ले जाया गया। इसके बाद उसे पेड़ के नीचे कुर्सी पर बैठाया गया। दो सिपाही
उसके पास ही खड़े रहे। पुलिसवाले यह भी ध्यान रखते हैं कि कोई उसकी फोटो न
खींचने पाए। कैमरा देखते ही दौड़ पड़ते हैं।
गौरतलब है कि जेल में छापे के दौरान उसकी बैरक में सेट टॉप बॉक्स मिला था। तब खुलासा हुआ कि वह जेल में ऐश कर रहा है।
सुरक्षा के लिए दी अर्जी
शैलेंद्र
अग्रवाल ने पेशी के लिए उसे विशेष वाहन से लाए जाने और अतिरिक्त सुरक्षा
मुहैया कराए जाने के लिए एक बार फिर कोर्ट में अर्जी दी है। उसने अपनी जान
को खतरा बताया है। इससे पहले भी वह एक बार अर्जी दे चुका है।