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मुख्य चिकित्सा अधीक्षक व बाल रोग विभागाध्यक्ष सस्पेंड

Thu, 13 Aug 2015 02:16 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला
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एस.एन. मेडिकल कॉलेज में तीन नवजातों की दम घुटने से मौत के मामले को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. हिमांशु यादव व बाल रोग विभाग के अध्यक्ष डॉ. राजेश्वर दयाल को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। मुख्यमंत्री ने मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. एके अग्रवाल को भी पद से हटा दिया है।
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सोमवार रात बिजली गुल होने पर जेनरेटर न चलाए जाने के चलते इंक्युबेटर में रखे तीन नवजातों की तड़प-तड़पकर दम घुटने से मौत हो गई थी।
मुख्यमंत्री ने यह कार्रवाई आगरा के डीएम पंकज कुमार से मिली मजिस्ट्रेटी जांच रिपोर्ट के आधार पर की। डीएम के निर्देश पर सिटी मजिस्ट्रेट रेखा एस चौहान ने जांच की थी। जांच में नवजातों की मौत के लिए पूरी तरह से मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को जिम्मेदार बताया गया था।
जेनरेटर रूम के ताले पर जंग लगी थी। कई सालों से जेनरेटर का उपयोग ही नहीं किया गया था। कोई सीनियर डॉक्टर एक-एक कर मौत के मुंह में समा रहे नवजातों को देखने के लिए नहीं आया था। मंगलवार को रिपोर्ट मिलने के बाद बुधवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा राज प्रताप सिंह को बुलाया। उन्होंने तत्काल मेडिकल कॉलेज के सीएमएस व बाल रोग विभाग के अध्यक्ष को सस्पेंड करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री से कार्रवाई की हरी झंडी मिलने के बाद प्रमुख सचिव ने तत्काल ही इन दोनों  के निलंबन आदेश जारी कर दिए। साथ ही प्रिंसिपल डॉ. एसके अग्रवाल को यहां से हटा दिया गया है। उन्हें चिकित्सा शिक्षा निदेशालय से अटैच कर दिया गया है। डॉ. एसके गर्ग को नया प्रिंसिपल बनाया गया है। डॉ. गर्ग लाला लाजपत राय मेमोरियल मेडिकल कॉलेज, मेरठ में सोशल ऑफ प्रिवेंटिव मेडिसिन (एसपीएम) के विभागाध्यक्ष थे।
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दो और शिशुओं की मौत
आगरा।एसएन मेडिकल कालेज में दो शिशुओं ने और दम तोड़ दिया। एक बाल रोग विभाग के नवजात सघन चिकित्सा केंद्र और दूसरा इमरजेंसी में भर्ती था।  बाल रोग विभाग में दस अगस्त को सुबह विमलेश निवासी टेढ़ी बगिया का सात दिन का बच्चा भर्ती कराया गया था। इसे पीलिया था और शिशु सघन चिकित्सा केंद्र में भर्ती था। सुबह सात बजे इसकी मौत हो गई। मौत के पीछे सोमवार रात बिजली न होने के चलते जीवन रक्षा उपकरणों का बंद रहना बताई जा रही है।  वहीं दूसरा शिशु  दस अगस्त को इमरजेंसी में भर्ती कराया गया था। सुबह करीब आठ बजे इसने दम तोड़ दिया। मथुरा के बड़ौत का दंपत्ति जयराम और राजेश देवी 24 जुलाई को पुष्पांजलि हास्पिटल में पैसे का इंतजाम करने की बात कहकर छोड़ गए थे। उसकी हालत बिगड़ने पर पुलिस ने एसएन मेडिकल में भर्ती कराया गया था। दोनों के शव का पोस्टमार्टम आज गुरुवार को कराया जाएगा।
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