इस महीने के अंत तक हो सकती है अस्पताल से छुट्टी
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भरतपुर हाउस गोलीकांड में मारे गए जूता कारोबारी राजकुमार लालवानी की हत्या में नामजद सराफ संजीव रस्तोगी की हालत में अब काफी सुधार बताया गया है। उसका दिल्ली के अस्पताल में उपचार चल रहा है। पुलिस ने डाक्टर से इसकी जानकारी ली है। पता चला है कि रीढ़ की हड्डी में फंसी गोली ऑपरेशन से निकाली जा चुकी है। इसके बाद से वह पैरों पर खड़ा नहीं हो पा रहा है। उसे व्हील चेयर का सहारा लेना पड़ रहा है। लंबे समय तक इसी दशा में रहेगा। ऐसे में पुलिस उसे अस्पताल से निकलते ही व्हील चेयर पर ही गिरफ्तार करेगी। इसकी तैयारी की जा चुकी है। दो सिपाही उस पर नजर रखे हुए हैं।
पुलिस अब संजीव को कोई रियायत देने के मूड में नहीं है। उसके खिलाफ साक्ष्य मिल चुके हैं। राजकुमार की पत्नी निर्मला ने उसके खिलाफ बयान दर्ज कराया है। इसके आधार पर संजीव पर लूट की धारा भी बढ़ाई जा चुकी है। आरोप है कि वह राजकुमार के घर से प्रोपर्टी के कागजात और मोबाइल फोन लूटकर ले गया था।
निर्मला के बयान के आधार पर ही पुलिस उसकी गिरफ्तारी करेगी। पुलिस उसके उपचार पर नजर रखे हुए है। डाक्टरों ने बताया कि इस महीने के अंत तक उसकी अस्पताल से छुट्टी हो सकती है। उधर अगर देरी होती है तो पुलिस सीएमओ से उसके उपचार के बारे में रिपोर्ट ले सकती है।
-- गागा की तलाश में पुलिस की ढिलाई
आगरा। पुलिस संजीव पर तो सख्ती दिखा रही है लेकिन राजकुमार की हत्या में साजिश के आरोपी डिब्बा कारोबारी गागा पर नरमी बरती जा रही है। उसकी तलाश भी गंभीरता से नही हो रही। यही वजह है कि अभी तक उसका सुराग नहीं लग पाया है। उसे ढूंढने में सिर्फ थाना पुलिस लगी है। एसटीएफ की मदद नहीं ली जा रही है। ऐसे हाईप्रोफाइल मामलों में पुलिस आरोपी क ासुराग देने वालों के लिए ईनाम की घोषणा कर देती है लेकिन इस केस में ऐसा भी नहीं किया गया है। ऐसे मुल्जिमों के गैर जमानती वारंट मिलने के बाद कुर्की की कार्रवाई की जाती है। लेकिन गागा के वारंट के लिए अभी तक अर्जी नहीं दी गई है।