मुंह खोलने से कतरा रहे आला पुलिस अफसर
लखनऊ /आगरा। शैलेंद्र जालसाजी केस में तीन पूर्व डीजीपी और एक आईजी का नाम आने के बाद आगरा जोन से लेकर जिले तक के पुलिस अफसर किसी तरह की कार्रवाई को लेकर मुंह नहीं खोलना चाहते हैं। समूचे पुलिस विभाग की साख पर बट्टा लगाने वाले इस संवेदनशील प्रकरण में एक तरफ आईपीएस एसोसिएशन ने कार्रवाई की मांग का झंडा लहरा दिया है तो दूसरी तरफ मुख्यालय के अधिकारी फील्ड के अफसरों की रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। यूपी के दो पूर्व डीजीपी एसी शर्मा व एएल बनर्जी पर सीधा आरोप आने के बाद उच्च अधिकारियों ने प्रकरण की जांच आगरा रेंज की डीआईजी लक्ष्मी सिंह को सौंपे जाने की बात कही थी। इसके बाद एक और पूर्व डीजीपी और एक आईजी के शैलेंद्र से कनेक्शन सामने आए। सूबे के अपर पुलिस महानिदेशक कानून-व्यवस्था दलजीत चौधरी ने कहा कि इस मामले में रिपोर्ट आने का इंतजार है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही तय किया जा सकता है कि क्या कदम उठाया जाए। उधर, आईपीएस एसोसिएशन ने इस प्रकरण में अधिकारियों (चाहे जितने उच्च पद पर तैनात हों या रहे हों) के दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। एसोसिएशन की कार्यकारिणी की बुधवार को हुई बैठक में इसे लेकर पारित प्रस्ताव से गुरुवार को सभी सदस्यों को एसएमएस या वाट्स ऐप के जरिए अवगत करा दिया गया।
मुख्यमंत्री त्याग पत्र दें - लक्ष्मीकांत
आगरा। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डाक्टर लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कहा है कि सपा नेता शैलेंद्र अग्रवाल जालसाजी केस में तीन पूर्व डीजीपी का नाम आने के बाद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने फोन पर दी अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि सरकार की शह के बगैर अधिकारी घूसखोरी नहीं कर सकते। इस मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए लेकिन प्रदेश की सरकार इसकी संस्तुति नहीं करेगी। उधर, भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता डाक्टर चंद्रमोहन का कहना है कि पूर्व डीजीपी एएल बनर्जी और एसी शर्मा कई सपा नेताओं के करीबी थे। इसकी भी जांच होनी चाहिए कि अधिकारियों ने घूस का पैसा किस किस सपा नेता को दिया। उनका कहना है कि सपा नेता शैलेंद्र अग्रवाल तो इस गोरखधंधे की छोटी सी मछली है। ऐसे कई सपा नेता पैसा वसूली में लगे हैं।
एक और पूर्व डीजीपी व आईजी का नाम का शीघ्र होगा खुलासा
अलीगढ़ /आगरा। आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने दावा किया है कि जालसाज शैलेंद्र अग्रवाल के रैकेट में एक और पूर्व डीजीपी और एक वर्तमान आईजी भी शामिल हैं। वे इन दोनों के नाम का खुलासा बहुत जल्द कर देंगे। उन्होंने इस मुद्दे पर आईपीएस एसोसिएशन के के अध्यक्ष रंजन द्विवेदी को बृहस्पतिवार सुबह मेल भी किया है। इसमें उन्होंने कहा है कि इस मामले में खुली बैठक करके दागदार अधिकारियों के खिलाफ निर्णय लिया जाए।
उन्होंने बताया कि अब तक इस मामले में पूर्व डीजी एसी शर्मा व एएल बनर्जी के नाम उजागर किए गए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यह खुद में बड़ा मुद्दा है कि डीजी कार्यालय के बाहर आईजी स्तर के अधिकारियों को एक-एक घंटे इंतजार करना पड़ता है। वहां शैलेंद्र अग्रवाल की गाड़ी सीधे पोर्टिको में रुकती थी। ऐसे व्यक्ति को 14-14 गनर मिले हुए थे। उन्होंने बताया कि शैलेंद्र अग्रवाल ने एक अफसर के माध्यम से दूसरे अफसर तक पैंठ बनाई। फिर उनकी पत्नियों को भी फुसलाया। यही वजह है कि एसी शर्मा की पत्नी के एकाउंट में भी रुपये ट्रांसफर के साक्ष्य हैं।
उन्होंने बताया कि अधिकारी अनिल दास की पत्नी ने 27वीं एफआईआर शैलेंद्र पर कराई है। यह भी बड़ा सवाल है कि ऐसे अफसरों को भी जांच में शामिल किया जाए। वह इस मामले में जांच कर रही डीआईजी आगरा लक्ष्मी सिंह से भी मिलेंगे। उन्होंने बताया कि प्रमोशन, ट्रांसफर, पोस्टिंग के अलग-अलग रेट थे। अधिकारियों से पैसा लेकर अपनी कंपनी में लगाता था, मुनाफा खुद लेता था। अधिकारी इतनी बात भी नहीं समझ पाए।