आगरा के थाना जगदीशपुरा क्षेत्र में गुरुवार देर रात पुलिस हिरासत में हिस्ट्रीशीटर की मौत हो गई। इसके बाद परिवारीजनों ने बवाल कर दिया। सिकंदरा-बोदला रोड पर कई वाहनों पर पथराव किया गया। बाद में पुलिस ने लाठियां भांजकर बलवाईयों को खदेड़ा।
थाना न्यू आगरा के इंस्पेक्टर नरेंद्र कुमार ने बताया कि 2016 में मोबाइल लूट के मामले में जुगनू, उसके भाई रवि और दीपक के नाम सामने आए थे। जुगनू पर न्यू आगरा, हरीपर्वत और जगदीशपुरा थाने में लूट के मुकदमे दर्ज हैं।
इसके बाद उसके नाम से हिस्ट्रीशीट संख्या 60ए खोली गई। रवि और दीपक को जेल भेज दिया गया जबकि दीपक वांछित चल रहा था। उसके नाम कोर्ट से कुर्की का नोटिस भी जारी कर दिया गया था। गुरुवार शाम चार बजे दरोगा योगेंद सिंह आरोपी के घर नोटिस चस्पा करने पहुंचे। जगदीशपुरा पुलिस का एक सिपाही भी साथ था। पुलिस को जुगनू घर में ही मिल और वह उसे पकड़कर लाने लगी।
आगरा में बवाल, पथराव
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बाइक पर बैठाने के दौरान उसने भागने की कोशिश की। उसे रोकनेे के प्रयास में पुलिस की गुत्थमगुत्था भी हुई। इसी दौरान अचानक वह जमीन पर गिर पड़ा। पुलिस उसे एसएन मेडिकल कालेज इमरजेंसी लेकर पहुंची। जहां उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना पर बड़ी संख्या में परिवारीजन और मोहल्ले के लोग पहुंच गए। मृतक की मां कृष्णा ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके बेटे की लात-घूसों से पिटाई की जिससे उसकी मौत हो गई।
इधर देर रात बड़ी संख्या में शारदा विहार के लोगों ने सिकंदरा-बोदला रोड पर दहतोरा मोड़ पर जाम लगा दिया। पुलिस जाम खुलवाने पहुंची तो पथराव कर दिया। पुलिस पर भी हमला किया। कई वाहनों के शीशे चकनाचूर हो गए। बाद में कई थानों का फोर्स पहुंचने पर बलवाइयों को खदेड़ा गया।