मकान में कैद आरटीआई कार्यकर्ता का परिवार
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आगरा के थाना जगदीशपुरा क्षेत्र में आरटीआई कार्यकर्ता नरेश पारस के परिवार को गुरुवार रात को घर में ही कैद कर दिया गया। इसका आरोप पड़ोस में रहने वाले आरटीआई कार्यकर्ता के भाई पर ही है। शुक्रवार सुबह 11 घंटे बाद पुलिस ने दरवाजा खुलवाकर परिवार को मुक्त कराया।
नगला अजीता निवासी आरटीआई कार्यकर्ता नरेश पारस बच्चों के लिए काम करने वाली संस्था से भी जुड़े हैं। गुरुवार को वो लखनऊ गए थे। उनका आरोप है कि रात आठ बजे पड़ोस में रहने वाला भाई सुरेश आया। वो पत्नी गुड़िया पारस और बच्चों के साथ गालीगलौज करने लगा।
इस पर पत्नी ने घर के दरवाजे बंद कर लिए। वो छत पर परिवार के साथ सोने चली गईं। सुरेश घर के मुख्य दरवाजे की कुंडी पर ताला डाल गया। सुबह छह बजे परिजन जागे तब ताला लगा होने की जानकारी हुई। पत्नी और बच्चों के शोर मचाने पर लोग जुट गए।
ट्वीट पर हरकत में आई पुलिस
मगर, कोई ताला नहीं खोल सका। नरेश पारस को पता चला तो उन्होंने यूपी पुलिस के ट्विटर एकाउंट पर मदद के लिए ट्वीट किया। इस पर पुलिस पहुंच गई। एक घंटे बाद पुलिस के कहने पर सुरेश की पत्नी ने गेट खोला। मगर, कोई कार्रवाई नहीं हुई। नरेश पारस का कहना है कि वो पुलिस अधिकारियों से शिकायत करेंगे।
मीटर से बिजली का तार जोड़ने का है विवाद
सीओ लोहामंडी चमन सिंह चावड़ा ने बताया कि दोनों भाइयों में बिजली मीटर का विवाद चल रहा है। बिजली मीटर नरेश पारस के घर के बाहर लगा है। सुरेश की पत्नी बिजली का तार मीटर में लगाना चाहती थी लेकिन नरेश पारस की पत्नी मीटर उखाड़कर अपने घर के अंदर ले गईं। इस पर सुरेश की पत्नी बाहर से ताला लगाकर चली गईं। मामले में जांच कर कार्रवाई की जाएगी।