सदर पुलिस ने धोखाधड़ी का आरोपी किया गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
स्टेट बैंक आफ बीकानेर एंड जयपुर की सिर की मंडी, जयपुर हाउस स्थित शाखा से फर्जी दस्तावेज लगाकर 3.5 लाख का कार लोन लेने के आरोपी योगेश को गिरफ्तार कर लिया। उसने बैंक में भानु प्रताप यादव के नाम से दस्तावेज लगाए थे। उसे बुधवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया।
शाखा के मुख्य प्रबंधक अजय कुमार मंडल ने एसएसपी से शिकायत की थी कि 15 मार्च 2012 को भानु प्रताप निवासी आजाद नगर, खंदारी ने 3.5 लाख का लोन लिया था। लोन लेने के बाद से ही किश्त का भुगतान नहीं किया। वाहन की आरसी भी नहीं जमा कराई। बैंक ने नौ सितंबर, 2014 को विधिक नोटिस भिजवाया। मगर, आरोपी ने कोई संपर्क नहीं किया। जांच में पता चला कि उसने संजय प्लेस स्थित पंजाब नेशनल बैंक की शाखा से भी 5.5 लाख रुपये का लोन ले रखा है। इसमें अपना नाम भानु प्रताप की जगह योगेश लिखा रखा है। यह उसका असली नाम है। इस पर लोहामंडी पुलिस ने जांच की। मुकदमा 26 दिसंबर, 2015 को दर्ज हुआ। जांच थाना सदर को ट्रांसफर कर दी गई। वरिष्ठ उप निरीक्षक ने बताया कि आरोपी आगरा में ही रह रहा था। उसने केनरा बैंक से भी लोन लिया था। मंगलवार रात को सदर क्षेत्र से उसे पकड़ा। उसका एक साथी अजय निगम निवासी सेक्टर 16 फरार है। वह फर्जी दस्तावेज तैयार करता था। योगेश ने पूछताछ में बताया कि वह तीन बैंक से तकरीबन 15 लाख का लोन ले चुका है। कई और बैंकों से लोन लेने की तैयारी थी।
पहले भी पकड़ा गया गैंग
लोहामंडी स्थित एक बैंक में फर्जी दस्तावेज लगाकर कार लोन लेने वाले गैंग के चार सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। गैंग ने आटो मोबाइल कंपनी से कई कार की कुटेशन लगाकर फर्जीवाड़ा किया था। लोन लेने के बाद किश्तें तक अदा नहीं की गईं थीं।