बरहन क्षेत्र के एक गांव में दबंगों से परेशान परिवार गांव छोड़ने के तीन महीने बाद लौटा तो उन्हें फिर से निशाना बनाया गया। इस बार तो आरोप यहां तक कि परिवार की एक किशोरी से दुष्कर्म का प्रयास किया गया। उसने विरोध किया तो उसे निर्वस्त्र कर गांव में घुमाने की कोशिश की गई। पुलिस ने मामला हल्के में लिया। आठ आरोपियों के खिलाफ सिर्फ मारपीट की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। इनमें से गिरफ्तारी अभी तक एक की भी नहीं हो पाई है।
घटना 16 दिसंबर की है। लेकिन पुलिस इसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं कर रही थी। पीड़ित परिवार ने शुक्रवार को बताया कि दबंगों के साथ उनका तीन महीने पहले झगड़ा हुआ था। दबंगों के साथ मिलकर वहां के प्रधान ने उन्हें पिटवा दिया। उनका साथ एक जिला पंचायत सदस्य ने भी दिया। इसके बाद जब उनकी थाना बरहन में सुनवाई नहीं हुई तो वे डीआईजी आगरा की शरण में गए। डीआईजी ने उन्हें सुरक्षा और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने का भरोसा दिया। जबकि दबंगों ने गांव में न रहने का फरमान सुना दिया। तब से परिवार के लोग अपनी रिश्तेदारी में समय काट रहे थे।
14 दिसंबर को वे गांव लौटे। आरोप है कि 16 परिवार की एक किशोरी बाजार में सामान लेने जा रही थी। तभी रास्ते में पप्पू, हजारीलाल, सुखवीर, ओमवीर, सचिन ने उसे पकड़ लिया। उसे पीटते हुए दुष्कर्म की नीयत से खींचकर ले जाने लगे। चीख पुकार सुन पहुंची उसकी मां को भी पीटा और बेटी को गांव में नंगा घुमाने की कोशिश की। सूचना पर पहुंची पुलिस ने उन्हें बचाया। परिवारीजनों की तहरीर पर पुलिस ने पप्पू, हजारीलाल, सुखवीर, ओमवीर, सचिन समेत आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। थानाध्यक्ष बरहन ने बताया कि आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।