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दो भाइयों की मौत से गुस्साए लोगों ने लगाया जाम, बवाल

Wed, 26 Aug 2015 01:35 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा
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शाहगंज के पृथ्वीनाथ मंदिर पर सोमवार को आयोजित मेले के दौरान कुएं में गिरने से 12 साल के सनी और उसके भाई हाकिम सिंह की मौत पर मंगलवार को लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। मेला आयोजन कमेटी और थाना पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिवारीजनों ने शंकरगढ़ की पुलिया पर दोनों भाइयों का शव रखकर जाम लगा दिया। मुकदमा दर्ज करने और पीड़ित परिवार को दस लाख रुपये मुआवजे की मांग की। पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। मौके पर पहुंचे अधिकारियों से नोंकझोंक हुई। एडीएम सिटी ने मुआवजे का आश्वासन दिया। तीन घंटे बाद जाम खुल सका।
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बता दें, ग्यासपुरा निवासी चरन सिंह का बेटा सनी अपनी मां राजकुमारी के साथ मेले में आया था। बाद में हाकिम भी मेले में पहुंच गया था। सनी खेलते समय मंदिर परिसर के पास स्थित कुएं में जा गिरा था। भाई को बचाने के लिए हाकिम ने जहरीली गैस से भरे कुएं में छलांग लगा दी। दोनों की दम घुटने से मौत हो गई थी। परिवारीजनों ने आरोप लगाया कि हर साल मेले के दौरान कुएं को ढक दिया जाता था, लेकिन इस बार सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं किया गया। बेरीकेडिंग तक नहीं की गई। इसी लापरवाही के कारण दोनों की जान गई। इसके लिए मेला आयोजन कमेटी और स्थानीय पुलिस को जिम्मेदार ठहराया। हादसे के बाद प्रशासन की चुप्पी से गुस्साए लोग मंगलवार अपराह्न तकरीबन तीन बजे पोस्टमार्टम के बाद शवों को लेकर शंकरगढ़ की पुलिया पर पहुंचे और जाम लगा दिया।
बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष पुलिया पर बैठ गए। बल्लियां लगाकर रास्ता रोक दिया। आरोपियों पर मुकदमा दर्ज करने और पीड़ित परिवार को पांच-पांच लाख मुआवजे की मांग की।  सूचना पर फोर्स के साथ सीओ लोहामंडी राजेंद्र यादव, एसीएम तृतीय पीडी गुप्ता भी पहुंचे। उन्होंने शासन से आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिया, लेकिन लोग नकद राशि दिलाने की मांग करने लगे। पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाए। गुस्साई महिलाओं ने एसीएम की गाड़ी में तोड़फोड़ की कोशिश की। पहियों की हवा निकाल दी। बवाल की आशंका पर और थानों की फोर्स बुला ली गई। शाम को विधायक गुटियारी लाल दुबेश पहुंचे। उन्होंने लोगों से बात की। एसपी सिटी और एडीएम सिटी के आश्वासन के बाद लोग माने।
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पुलिस के लाठियां चलाने पर मची थी भगदड़
लोगों ने आरोप लगाया कि मेले में भीड़ को हटाने के लिए पुलिस ने लाठियां भांजी थी। इस कारण भगदड़ मची, जिससे हादसा हो गया।

मां दीपक जला रही थी, उधर बुझ गया चिराग
दो बेटों की मौत से पिता चरन सिंह बेहाल हैं। मां राजकुमारी के आंसू नहीं रुक रहे। मेले में जिस वक्त घटना हुई वह दीपक जला रहीं थीं। वह एक ही बात कह रही थीं कि कोई उसके लाल को लौटा दे।

आर्थिक संकट से जूझ रहा परिवार
परिवारीजनों ने बताया कि चरन सिंह बीमार रहते हैं। इस कारण उनका इलाज कराने में काफी पैसा खर्च हो गया। अप्रैल में बड़ी बेटी की शादी में भी काफी पैसा खर्च हुआ। इस कारण मकान बेचना पड़ा। अब परिवार किराये के मकान में रहता है। हाकिम और सनी दोनों जूते का काम करके घर चला रहे थे। अब परिवार पर आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है। परिवार का दुख देखकर उनके साथ पूरी बस्ती खड़ी हो गई। हर कोई पीड़ित को मुआवजे की मांग कर रहा था। एक पुलिस अधिकारी ने 15 हजार की मदद देने की बात कही, लेकिन लोगों ने उसे ठुकरा दिया।
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