आगरा के बरौली अहीर गांव में दिवाली पर जुआ खेलते छह लोगों की गिरफ्तारी पर शुक्रवार को बवाल हो गया। लोगों को शक था कि गिरफ्तारी गांव की ही वेटिकन सिटी कालोनी में रहने वाले एकता चौकी के सिपाही अनिल यादव ने कराई है।
इसी के चलते लोगों ने सिपाही के घर में तोड़फोड़ और फायरिंग की। वह बचकर भागा, तो रास्ते में घेर लिया। हमले के डर से उसने गोली चला दी, जो प्रापर्टी डीलर प्रशांत उर्फ रॉकी यादव (27) को लगी। उसकी हालत बेहद नाजुक बताई गई है।
गोली चलने के बाद के बाद सिपाही एकता चौकी में घुस गया, तो लोगों ने वहां पर तोड़फोड़ कर डाली। वहां बाहर खड़ी गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए। सिपाही वहां से बड़ी मुश्किल से भागा। उसे पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। सीओ सदर उदयराज सिंह ने बताया कि दिवाली पर छह लोगों को गांव से ही जुआ खेलते गिरफ्तार किया गया था।
गांव के लोगों को शक है कि उनकी गिरफ्तारी अनिल यादव ने कराई है। पूरे मामले की रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। उधर, रॉकी को देहली गेट स्थित एक नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया है। उसकी हालत नाजुक बताई गई है।
भाई ने कहा, झूठ बोल रही है पुलिस
मौके पर पहुंची पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
रॉकी के चचेरे भाई अजीत यादव का कहना है कि पुलिस झूठ बोल रही है। जुआरी पकड़े जाने का कोई मामला ही नहीं है। उसने बताया कि सिपाही वेटिकन सिटी कालोनी में रहता है। यहीं पर उसका अपना मकान है।
इसी कालोनी में उसका भाई रॉकी बैठा था। वह वहां से जा रहा था। उसकी बाइक पर सचिन और भूरा भी थे। सचिन बाइक चला रहा था। तभी उनकी बाइक सिपाही की बाइक से टकरा गई। उसके साथ दो दरोगा भी थे। सिपाही ने गोली चला दी, जो रॉकी को लग गई।
लाइसेंसी बंदूक से चलाई गोली
अजीत यादव का कहना है कि सिपाही ने लाइसेंसी रिवाल्वर से गोली चलाई है। उधर मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि सिपाही घर से लाइसेंसी दोनाली बंदूक लेकर भागा था। उसने उसी से फायर किया।
सिपाही के घर हमला करने वाले लोगों ने लाठी, डंडे और बंदूक ले रखे थे। सिपाही को लगा कि ये लोग उस पर गोली चला देंगे। उसने भीड़ पर गोली चलाई थी। इसके बाद वे लोग वहां से भाग गए थे। जब सिपाही चौकी पहुंच गया था, तो लोग वहां पर पहुंच गए।