मथुरा के बल्देव निवासी व्यापारी कन्हैया अग्रवाल के साथ हुई 4.25 लाख की लूट में पुलिस डबल गेम खेल रही है। एक तरफ अफसर दावा कर रहे हैं आरोपी तीनों सिपाहियों पर बर्खास्तगी तक की कार्रवाई का लेकिन दूसरी ओर कुछ पुलिस वाले मामले को निपटाने को कोशिश में लगे हैं। पुलिस सूत्रों की मानें तो इन्होंने ही व्यापारी को इतना खौफजदा किया है कि वह बयान दर्ज कराने के लिए तैयार नहीं हो रहा।
लोहामंडी के पंचकुइयां चौराहा पर हुई इस लूट का आरोप यूपी - 100 की इनोवा गाड़ी के तीन सिपाहियों पर है। ये हैं भानू प्रताप, केशव देव और मुकेश। भानू और केशव जेल जा चुके हैं । मुकेश फरार चल रहा है। पुलिस सूत्रों की माने तो वह अपने साथ भानू और केशव को बचाने की कोशिश में लगा है।
कन्हैया से लूटे गए 4.25 लाख में से दो लाख पहले वापस करा दिए गए थे। दो लाख केस दर्ज होने के बाद दे दिए गए हैं। उसे धमकी दी गई है कि अगर उसने अब कोई कार्रवाई की तो अंजाम अच्छा नहीं होगा। इसमें मुकेश का साथ दो और पुलिसवाले दे रहे हैं। इनमें से एक यूपी - 100 पर ही तैनात बताया गया है। थोड़ी सी रियायत लोहामंडी थाना पुलिस भी कर रही है। मुकेश की गिरफ्तारी के लिए गंभीरता से प्रयास नहीं किए जा रहे हैं।
दूसरी ओर एसएसपी डा. प्रीतिंदर सिंह से लेकर आईजी सुजीत पांडे तक कह रहे हैं कि इस मामले में आरोपियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। डीजीपी जावीद अहमद ने भी यूपी - 100 की छवि पर लगे इस दाग की पूरी रिपोर्ट तलब की है।
25 लाख की डकैती में एक भी गिरफ्तारी नहीं
आगरा। फीरोजाबाद के सिरसागंज में दिल्ली के बिल्डर प्रमोद गुप्ता के साथ हुई 25 लाख की डकैती में अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं की गई है। इसमें आगरा ट्रैफिक पुलिस के दो सिपाही राघवेंद्र और भारत मिश्रा नामजद हैं। दोनों सस्पेंड किए जा चुके हैं। इनके अतिरिक्त बिल्डर का ड्राइवर और तीन अज्ञात लोग थे। अज्ञात आरोपियों की पहचान भी अभी तक नहीं हो पाई है।