कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष निर्मल खत्री के खिलाफ दर्ज आईटी एक्ट के मुकदमे की जांच ढाई महीने में एक कदम भी आगे नहीं बढ़ पाई है। पहले सदर बाजार पुलिस ने जांच की। फिर साइबर सेल ने। और अब क्राइम ब्रांच की एसआईएस के पास है। लेकिन इतने लंबे समय में पुलिस खत्री का पतानहीं ढूंढ पाई है। आईजी क्राइम के सामने रखी गई रिपोर्ट में रखा गया है कि आरोपी का पता अभी तक तसदीक नहीं हो पाया है।
11 दिसंबर 2015 को यह केस आरएसएस के अजीत चाहर ने दर्ज कराया था। इसमें खत्री समेत तीन आरोपी हैं। आरोप है फेसबुक पर संघ को बदनाम करने का। इसके लिए भाजपाइयों पर हुए लाठीचार्ज का पुराना फोटो इस्तेमाल किया गया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि अभी तक न तो निर्मल खत्री का बयान दर्ज किया गया है। न ही उनके घर का पता तसदीक हो पाया है।
दस दिन पहले आईजी क्राइम आरके स्वर्णकार के सामने यह केस भी आया था। उन्होंने कहा था कि आईटी एक्ट के मामलों की जांच में तेजी लाई जाए। इसके बाद इस समेत 31 मामले क्राइम ब्रांच को सौंपे गए। बता दें, इस दौरान खत्री आगरा आ चुके हैं लेकिन तब पुलिस उनका बयान दर्ज करने की हिम्मत नहीं जुटा पाई थी।
इसके बाद लखनऊ जाकर उनका बयान नहीं लिया। बता दें, निर्मल खत्री इस केस पर सफाई दे चुके हैं। उन्होंने कहा था कि उन्होंने यह मैसेज अपलोड नहीं किया। एक न्यूज चैनल के मैसेज को सिर्फ शेयर किया था। उधर, इस मामले पर एसपी क्राइम आनंद कुमार का कहना है कि आईटी एक्ट के मामले क्राइम ब्रांच में आने के बाद जांच में तेजी आई है। जल्द ही सभी मामलों में नतीजा सामने आ जाएगा।