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पुलिस को फिर याद आई व्यापारी सुरक्षा 

Fri, 23 Sep 2016 01:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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‌पुलिस - फोटो : अमर उजाला
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सात से नौ खतरा ज्यादा
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- सराफा कारोबारियों के साथ ज्यादातर वारदात रविवार को रात सात से नौ बजे के बीच हुई हैं।
- बैंकों के आस पास लूट की घटनाएं सोमवार को दोपहर 12 से चार के बीच ज्यादा होती हैं।
- एत्माद्दौला और खंदौली में चांदी और सोना लूट की कई घटनाएं हो चुकी हैं।


पुलिस को फिर से व्यापारी सुरक्षा याद आई है। आईजी सुजीत पांडेय की ओर से जोन के सभी कप्तानों को निर्देश दिए हैं व्यापारियों के साथ मीटिंग कर उनकी समस्या सुनने के लिए। इसमें सबसे ज्यादा जोर इस पर दिया जाएगा कि अगर  किसी व्यापारी को पांच लाख या इससे अधिक कैश बैंक अथवा कहीं अन्य जगह पर ले जाना है, तो वह पुलिस से सुरक्षा ले सकता है। उसे थाना प्रभारी या सीओ को फोन करना होगा। इस पर उसे पुलिस सुरक्षा दे दी जाएगी। 
 हालांकि इसकी व्यवस्था पहले से है लेकिन अब इस पर जोर दिया जा रहा है लेकिन एक बार फिर इसकी याद आई है।   कारण यह भी कि कैश ट्रांजेक्शन में लापरवाही कई बार सामने आई है। कागारोल के पशु व्यापारी से 50 लाख की लूट हुई थी। इसके बाद उसी की गाड़ी में 42 लाख पुलिस चेकिंग में पकड़े गए। उसका ड्राइवर बगैर सुरक्षा के रकम ले जा रहा था। पिछले महीने संजय प्लेस में पुलिस चेकिंग के दौरान एक बैग में 30 लाख रुपये मिले। यह रकम कारोबारी का कर्मचारी बैंक में जमा कराने के लिए अकेला पैदल ले जा रहा था। 
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दूसरा कारण पिछले सालों में त्योहारी सीजन में व्यापारियों के साथ हुई लूट की कई वारदात के मद्देनजर यह व्यवस्था की जा रही है। इनमें अपराधियों का वारदात का तरीका भी लगभग एक  जैसा रहा । ज्यादातर सराफ के साथ वारदात तब हुई है जब वह प्रतिष्ठान से घर लौट रहे थे। ताजनगरी में सराफ रिंकू बंसल से 1.67 करोड़ का सोना पिछले साल लूटा गया था। सराफ धन कुमार जैन को फुलट्टी में गोली मारी गई थी। इसके विरोध में आगरा बंद रहा था।
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 रोड फेसिंग लगाएं सीसीटीवी कैमरे
आगरा। व्यापारियों के साथ मीटिंग का जो एजेंडा तैयार किया गया है, उसमें पुलिस यह सुझाव भी देगी कि व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर कम से कम एक -एक सीसीटीवी कैमरा रोड फेसिंग लगाया जाए। कई जगह अंदर तो कैमरे लगे हैं लेकिन बाहर की ओर नहीं हैं। इससे फायदा यह रहेगा कि बदमाशों की वारदात से पहले और बाद की गतिविधि भी पता चल सकेगी।
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