इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम को लागू करने में सबसे बड़ी मुसीबत बन रहे अतिक्रमण को हटाने केलिए पुलिस ने अभियान शुरू कर दिया है। डीजीपी जावीद अहमद के फरमान पर शहर के 15 प्रमुख बाजारों से 30 दिन में अतिक्रमण हटाना होगा। अभियान की शुरुआत इन सभी की वीडियोग्राफी से की गई है। अतिक्रमण हटाए जाने के बाद फिर से वीडियो रिकार्डिंग कराई जाएगी। दोनों की तुलना कर देखा जाएगा कि कितना अंतर आया। शहर में ट्रैफिक की हालत बेहद खराब है। रोजाना घंटों के लिए जाम लगता है। इस मुसीबत से छुटकारा दिलाने के लिए शासन ने इंटीग्रेटेड मैनेजमेंट सिस्टम मंजूर किया है। इसे लागू करने के लिए यह कवायद की जा रही है। इसमें पुलिस का फोकस सड़क पर खड़े होने वाले वाहन हटाने पर रहेगा। हरीपर्वत चौराहा के सामने सबसे खराब स्थिति है। इसके अलावा ठेल वाले भी हटाए जाएंगे। दुकानों के बाहर सामान रखा मिलने पर भी कार्रवाई की जाएगी।
इन मार्केट में होगी कार्रवाई
- हरीपर्वत : हरीपर्वत से देहली गेट
- न्यू आगरा : दयालबाग
- सिकंदरा : कारगिल से करकुंज
- रकाबगंज : छीपीटोला से बिजलीघर
- ताजगंज : पुरानी मंडी
- लोहामंडी : सेंट जोंस चौराहा
- शाहगंज : रूई की मंडी चौराहा
- जगदीशपुरा : मारूति स्टेट चौराहा
- कोतवाली : हींग की मंडी से कोतवाली
- एमएम गेट : भगत सिंह तिराहा
- नाई की मंडी : धाकरान से नालबंद
यातायात व्यवस्था सुगम बनाने के लिए बाजारों से अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू किया गया है। इसकी मानीटरिंग भी की जा रही है।
- सुशील घुले, एसपी सिटी