दिसंबर 2019 में हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. निर्विकल्प की कार को ओवरटेक कर उनका अपहरण कर लिया गया था। दो घंटे में 52 लाख रुपये की फिरौती वसूलने के बाद अपहरणकर्ता भाग गए थे। इस मामले में पुलिस तीन बदमाशों को जेल भेज चुकी हैं, वहीं अनूप पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सका था।
मथुरा पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। नोएडा एसटीएफ ने बदमाश को दिल्ली के अशोक नगर से गिरफ्तार कर लिया। बुधवार की दोपहर नोएडा एसटीएफ बदमाश को मथुरा ला रही थी। एक्सप्रेसवे पर सुरीर के सर्विस रोड पर सिपाही की पिस्टल लेकर भागे बदमाश से मुठभेड़ हो गई।
नोएडा एसटीएफ एएसपी आरके मिश्रा ने बताया कि एक लाख रुपये का इनामी बदमाश अनूप पिस्टल छीनकर भाग रहा था। मुठभेड़ में उसके बायें पैर में गोली लगी है। मुठभेड़ में दो सिपाही राजेंद्र और मनोज चिकारा भी घायल हुए हैं।
डॉ. निर्विकल्प के अपहरण के मामले को मथुरा पुलिस ने दबाए रखा। कुछ दिन बाद मामला सुर्खियों में आया तो पुलिस ने अपनी जान बचाने के लिए मुकदमा दर्ज करके आनन-फानन में एक अपहरणकर्ता को पकड़ भी लिया। हालांकि बाद में डॉक्टर अपहरण कांड की गूंज लखनऊ तक पहुंच गई।
सरकार ने मामले में हस्तक्षेप किया। नपने से बचने के तत्कालीन एसएसपी शलभ माथुर ने काफी प्रयास किए, आखिर उनके ऊपर गाज गिरी और एसएसपी मथुरा की कुर्सी भी गंवानी पड़ी। इनके अलावा कई पुलिस अफसर और इंस्पेक्टरों पर इस अपहरणकांड में आरोप लगे थे।