एसआईटी और पुलिस टीम को अभी तक की पड़ताल में दिल्ली से गिरोह को ऑपरेट किए जाने का सुराग लगा है। पानीपत में पैराडाइज स्कूल समालखा में 10 जनवरी को पेपर लीक होने की गुप्त सूचना पर कार्रवाई के बाद पुलिस ने पानीपत और करनाल से 14 लोगों को गिरफ्तार किया था।
इन्हें तीन दिन की रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई, जिसके बाद दिल्ली से गिरोह का संचालन किए जाने की बात सामने आ रही है। हालांकि एसआईटी टीम का कहना है कि जांच चल रही और गिरोह के जुड़े अन्य आरोपियों की धरपकड़ के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस की तीन टीम लगातार दिल्ली, गुरुग्राम, कुरुक्षेत्र, कैथल, सोनीपत, जींद, हिसार और बहादुरगढ़ में दबिश दे रहीं हैं।
आरोपियों का फिर रिमांड मांगेगी पुलिस
14 आरोपियों का तीन दिन का रिमांड गुरुवार को खत्म हो जाएगा। सूत्रों ने बताया कि पुलिस अदालत में आरोपियों को फिर से रिमांड पर लेने की मांग करेगी। जिससे गिरोह से जुड़े बड़े नामों का खुलासा हो सके। परीक्षा में पेपर सॉल्वर को लाने के लिए की गई तैयारियों को देखकर संभावना जताई जा रही है कि बगैर बड़े नामों के यह संभव नहीं है, क्योंकि करनाल के सेंटर से पकड़े गए एक आरोपी अंकित के पास से पुलिस ने करनाल के चेकिंग इंचार्ज का आईडी कार्ड बरामद किया है, जो सिर्फ एक सेंटर का नहीं बल्कि पूरे जिले का है। यानि वह जिले के सभी 80 सेंटर में जा सकता था।
मंगलवार तक की पूछताछ में पुलिस पूरे प्रकरण में दिल्ली पुलिस के एसआई और ग्राम सचिव की परीक्षा दे रहे पुष्पेंद्र के भाई विश्वजीत का पूरे प्रकरण से संबंध नहीं जोड़ सकी थी लेकिन अब जांच में सामने आया है कि विश्वजीत अपने भाई की भी सरकारी नौकरी लगवाना चाहता था। नतीजा उसने भाई को नकल कराने का प्लान बनाया था।
अलग-अलग भी हो सकते हैं गिरोह
पानीपत के समालखा और करनाल में पकड़े गए नकल और पेपर लीक का प्रकरण में शामिल गिरोह अलग-अलग हो सकते हैं। हालांकि पुलिस को पानीपत में पेपर सॉल्वर को पकड़ने के बाद ही करनाल के सेंटर का भी सुराग लगा था। हालांकि पुलिस की ओर से इसकी पुष्टि नहीं की गई है।
गिरोह से जुड़े लोगों की धरपकड़ के लिए पुलिस की टीम दबिश दे रही हैं। करीब 15 और संदिग्ध ट्रेस किए गए हैं, जिनकी जल्द गिरफ्तारी हो सकती है। हरियाण के कई जिलों में धरपकड़ के लिए टीम छापे मार रही हैं, जल्द ही कार्रवाई सामने आएगी। - पूजा वरिष्ठ, एएसपी, एसआईटी इंचार्ज।