पुलिस ने दबाव पड़ने पर सराफ धन कुमार जैन पर हमले का फर्जी खुलासा कर बेकुसूरों जेल भेज दिया था, वैसे ही कहीं अनेक सिंह सिकरवार हत्याकांड में न हो जाए। यह चिंता सिकरवार के परिवार की है। इन लोगों का कहना है कि भले ही वक्त ज्यादा लग जाए, लेकिन असली गुनहगार ही पकड़े जाने चाहिए। वैसे वारदात का तरीका देखकर इन्हें भी यही लगता है कि इसमें किसी न किसी परिचित का ही हाथ है।
मृतक के बड़े बेटे ब्रिजेश सिंह सिकरवार ने बताया कि पापा के पास दो बैग थे। एक में नौ लाख रुपये कैश था। दूसरे में चेक बुक और कई जरूरी कागजात। पापा डायरी भी लिखते थे। इसमें दिन भर की सभी बातें दर्ज करते थे। यह भी साथ में ही थी। हत्यारे दोनों बैग ले गए हैं। सही खुलासा तो तभी माना जाएगा जब पुलिस कैश के साथ दोनों बैग भी बरामद करे।
इसके अलावा उनका मोबाइल फोन लूटा गया है। यह भी हत्यारों से बरामद होना चाहिए। उन्होंने कहा कि उन्हें किसी पर शक नहीं है, लेकिन इतना जरूर है कि पापा किसी अजनबी के लिए गाड़ी का गेट नहीं खोलते। गाड़ी में कैश होने के चलते किसी अजनबी को लिफ्ट देने का तो सवाल ही नहीं था।
इन्हें बरामद करे पुलिस
- एक बैग, जिसमें नौ लाख कैश रखा था।
- दूसरो बैग, जिसमें चेकबुक और कागजात थे।
- डायरी जिसे कैप्टन रोज लिखते थे।
- अनेक सिंह का मोबाइल फोन
हेयर मैचिंग तुरंत कराई जाए
सिकरवार के परिवार के लोगों का कहना है कि कातिल के कई बाल गाड़ी में मिले हैं। इन्हें फोरेंसिक एक्सपर्ट ने बरामद किया है। जैसे ही कातिल पकड़ा जाए, उसके बाल का सैंपल लेकर मैचिंग कराई जाए। इसके बाद डीएनए परीक्षण भी कराया जाए।