साफ्टवेयर इंजीनियर निर्मल सिंह की सुहाग सेज पर हत्या की आरोपी महिला तारा उर्फ रूबीना उर्फ सोनू चौहान को जगदीशपुरा थाना पुलिस ने बुधवार सुबह 10 बजे कोर्ट के सामने पेश किया। यहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस को बड़े पापड़ बेलने पड़े।
सात दिन तक हल्द्वानी, रुद्रपुर, ऊधम सिंह नगर में खाक छानी। इसके बाद उसका पता मिला, लेकिन वहां दबिश देना आसान नहीं था। विरोध का डर था। इसलिए पुलिस ने चाल चली। दरोगा ने दूल्हे के कपड़े पहने, सिपाही बराती बने और एक बिचौलिया लेकर उसके घर पहुंचे। उसके सामने देहरादून में शादी का प्रस्ताव रखा। वह झांसे में आ गई। इसके बाद उसे थाना ले जाकर पकड़ लिया।
उसे पकड़ने के लिए पुलिस के पास एक राशन कार्ड और निर्मल से उसकी शादी के फोटो ही थे। राशन कार्ड में उसका नाम तारा था। यह गलत पाया गया। राशन कार्ड फर्जी निकला। फोटो में जो महिला उसकी मां बताई गई थी, वह हकीकत में उसके गिरोह की सदस्य निकली। वह शादी में मां बनने का नाटक करती है, इसके लिए दस हजार रुपये लेती है। शादी में शर्मा सरनेम वाले बिचौलिए का फोटा भी था।
पुलिस ने 1000 लोगों को फोटो दिखाए। 24 से 29 तक ऊधम सिंह नगर, रुद्रपुर, हल्द्वानी की खाक छानी। तब शादी कराने वाला एक और बिचौलिया मिला। उसने फोटो देखकर बताया कि यह महिला तारा नहीं, रूबीना है, काशीपुर में मिलेगी। पुलिस ने एक युवक (काशीपुर पुलिस का मुखबिर) की मदद से उससे संपर्क साधा। उसने रूबीना से कहा कि काम आया है, तैयार हो जाओ। घर के बाहर दरोगा संजीव कुमार दूल्हे की ड्रेस में और सिपाही सिविल ड्रेस में थे।
लिस उसे पहले एक होटल में ले गए। यहां चुपके से फोटो से उसके चेहरे का मिलान किया। इसके बाद उससे कहा कि शादी के लिए देहरादून चलो, लेकिन पहुंच गई थाना। यहां उसे गिरफ्तार कर लिया गया। बता दें, आवास विकास सेक्टर चार में 23 मई की रात दिल्ली की कंपनी में साफ्टवेयर इंजीनियर निर्मल सिंह की हत्या की गई थी। इसका आरोप उसकी पत्नी तारा उर्फ रूबीना पर है। वह जेवरात और नगदी लेकर फरार हो गई थी।
उसे बेहोश किया था, पता नहीं, कैसे मर गया
पुलिस ने तारा उर्फ रूबीना से पूछताछ के हवाले से बताया कि वह निर्मल सिंह को जान से मारना नहीं चाहती थी। उसका प्लान उसके घर जाते समय रास्ते से ही भाग जाने का था, लेकिन निर्मल ने एक पल के लिए भी उसका हाथ ही नहीं छोड़ा। इसके बाद वह सुहाग रात ( 22 मई की रात) को ही भाग जाना चाहती थी, लेकिन निर्मल ने दूध पीने से इनकार कर दिया। उसे बिचौलिए ने चार कैप्सूल दिए थे। दूध में एक डालना था। निर्मल के बेटे भारत के गिलास में एक ही डाला, वो बेहोश हो गया, लेकिन गलती से निर्मल के गिलास में दो गिर गए थे। उसने कहा कि उसे नहीं मालूम था कि वह मर गया। वह तो उसे बेहोश समझकर भागी थी। सीधे सिकंदरा गई, वहां से बस में बैठकर मुरादाबाद पहुंची और फिर काशीपुर चली गई।
अनजान दुल्हनिया घर लाने से पहले सावधान
आगरा। तारा उर्फ रूबीना से पूछताछ के हवाले से पुलिस ने बताया कि इस तरह वारदात करने वाली शातिर महिलाओं का पूरा गिरोह उत्तराखंड में सक्रिय है। इनके निशाने पर विधुर, विकलांग और 40 से ज्यादा उम्र के अविवाहित लोगरहते हैं। बिचौलिए 50 हजार से एक लाख रुपये लेकर इन महिलाओं से शादी कराते हैं। ये मौका पाते ही जेवरात-नगदी लेकर भाग जाती हैं। आगरा के अलावा हाथरस, मथुरा, मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, बिजनौर, शामली, बागपत में इस तरह की कई घटनाएं हो चुकी हैं। कई लोग तो बदनामी के डर से रिपोर्ट तक दर्ज नहीं कराते। पुलिस ने बताया कि एक-एक महिला की कई-कई शादी हो चुकी हैं। तारा ने बताया है कि वह पहले भी ऐसी घटना कर चुकी है।
साफ्टवेयर इंजीनियर की हत्या में आरोपी महिला तारा उर्फ रूबीना को कोर्ट में पेश किया गया, वहां से जेल भेज दिया गया। और पूछताछ के लिए उसे रिमांड पर लिया जाएगा। - सुशील घुले ( एसपी सिटी)